North-South पर फिर छिड़ी बहस, DMK नेता Dayanidhi Maran का विवादित बयान, बोले- North India में लड़कियों को घर पर रखते हैं

By अंकित सिंह | Jan 13, 2026

डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने मंगलवार को यह दावा करके बहस छेड़ दी कि उत्तरी राज्यों में लड़कियों से अक्सर घर पर रहकर घरेलू काम करने की उम्मीद की जाती है, जबकि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई करने और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित करते हुए मारन ने तमिलनाडु को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बताया और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की प्रशंसा की।

राज्य के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने आज 'उलगम उंगल कैयिल' योजना के तहत कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय की छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। उन्होंने छात्राओं की सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना की और महाविद्यालय के लंबे इतिहास और बालिका शिक्षा में योगदान को रेखांकित किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा, “आज मुझे आप सभी छात्राओं को लैपटॉप वितरित करते हुए प्रसन्नता हो रही है। आप सभी को नव वर्ष और पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं। अक्सर कहा जाता है कि शिक्षा पूरी करने के बाद लड़कियां समाज में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। हमें अपनी सभी छात्राओं पर गर्व है। इस शिक्षण संस्थान का समृद्ध इतिहास है। 1974 में करुणानिधि ने इस महाविद्यालय का नाम कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय रखा, नए भवन खोले और व्यापक अवसंरचना प्रदान की।”

इसे भी पढ़ें: 'हिंदुत्व' पर बिगड़े बोल, BJP का तीखा हमला, Rahul Gandhi और अय्यर से माफी की मांग

स्टालिन ने कायद-ए-मिल्लत सरकारी महिला महाविद्यालय की अंतिम वर्ष की 900 छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस पहल के लिए 2.5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और इस बात पर जोर दिया कि लड़कियों को अधिक सफलता प्राप्त करने के लिए लैपटॉप का उपयोग शिक्षा के लिए करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया के लिए।

प्रमुख खबरें

Ballia में खाड़ी देश से फोन पर दिया तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न मामले में छह पर FIR

Israel Election: एग्जिट पोल में नेतन्याहू की Likud आगे, बहुमत से दूर

Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में कोई जनहानि नहीं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए बहाली के निर्देश

Mumbai International Airport: नेटवर्क ठप होने से मची अराथफरी, 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित, मैनुअल प्रक्रिया से कराया गया ‘चेक-इन’