By अभिनय आकाश | Sep 26, 2022
देशभर में पीएफआई पर एनआईए के ताबड़तोड़ एक्शन के बाद से तमिलनाडु में बीजेपी नेताओं पर बीते कुछ दिनों में 11 हमले हो चुके हैं। इन सभी मामलों में पुलिस की स्पेशल टीमें जांच कर रही हैं और 350 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की भी खबर है। इनमें पीएफआई और एसडीपीआई के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात सामने आ रही है। वहीं तमिलनाडु की घटनाओं को लेकर डीएमके ने बीजेपी और आरएसएस को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। डीएमके ने अपने मुखपत्र मुरासोली पर एक पूरे पेज के लेख में बीजेपी पर बड़े आरोप लगाए हैं। मुरासोली ने दावा किया कि ऐसे उदाहरण केवल आरएसएस के असली रंग दिखाते हैं। जैसा कि पुलिस ने अपराधों से संबंधित कई गिरफ्तारियां की हैं।
डीएमके ने कहा कि इससे पता चलता है कि भाजपा और आरएसएस किसी भी स्तर तक गिर जाएंगे और पुलिस को उपरोक्त मामलों पर विचार करना चाहिए। असली दोषियों का पता लगाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करना चाहिए। वहीं इस दावे का खंडन करते हुए भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि पीएफआई और एसडीपीआई भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं।