Vaishakha Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर करें ये खास काम, जानें स्नान-दान की Full Details

By अनन्या मिश्रा | May 01, 2026

आज यानी की 01 अप्रैल 2026 को सिद्धि योग में वैशाख पूर्णिमा मनाई जा रही है। आज के दिन स्नान-दान और व्रत करने का महत्व होता है। इस दिन पूजा और व्रत किया जाता है। स्नान के बाद दान करने के बाद अपनी क्षमता के मुताबिक दान करने से पाप मिटते हैं और पुण्य मिलता है। इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा और कथा सुनने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वहीं प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और रात में चंद्र देव की पूजा करके अर्घ्य देते हैं। आइए जानते हैं वैशाख पूर्णिमा के स्नान, दान, पूजा विधि और मुहूर्त और मंत्र आदि के बारे में...

वैशाख पूर्णिमा तिथि का समापन - 1 मई 2026 की रात 10:52 मिनट पर

वैशाख पूर्णिमा स्नान का मुहूर्त - सुबह 04:15 से 04:58 मिनट तक, सूर्योदय बाद भी कर सकते हैं।

सत्यनारायण भगवान की पूजा का शुभ मुहूर्त - सुबह 07:20 से लेकर 10:39 मिनट तक

वैशाख पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन का समय - शाम 06:56 के बाद

चंद्रोदय का समय

आज यानी की वैशाख पूर्णिमा का 06:52 मिनट पर चंद्रोदय होना है। वहीं रात में जब पूर्ण चंद्रमा निकला हो, तो अर्घ्य देकर पूजा करें। अर्घ्य देने के बाद वैशाख पूर्णिमा का व्रत और पूजा संपन्न मानी जाती है। वहीं व्रत का पारण 02 मई 2026 की सुबह 05:40 मिनट के बाद होगा।

स्नान और दान की विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करें। गंगा स्नान संभव न हो तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। फिर साफ कपड़े पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद वैशाख पूर्णिमा के व्रत और पूजा का संकल्प लें। इस दिन आप चीनी, खीर, चावल, दूध, सफेद रंग के वस्त्र, मखाना, मिश्री, चांदी आदि का दान कर सकते हैं। इसके अलावा आप जल का भी दान कर सकते हैं, इससे पुण्य लाभ होगा।

प्रमुख खबरें

Anand Mahindra Birthday: Business Tycoon Anand Mahindra का 71वां जन्मदिन, जानें Scorpio से Aerospace तक की Success Story

Prabhasakshi NewsRoom: चुनाव खत्म, महंगाई शुरू, वाणिज्यिक LPG सिलेंडर के दाम में भारी वृद्धि, ATF भी महंगा

विमान ईंधन की कीमतों में उछाल, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ATF 5% महंगा, घरेलू एयरलाइंस को राहत

सफेद बालों की टेंशन खत्म! घर पर आजमाएं यह Herbal Collagen Treatment, Hair Fall भी होगा कंट्रोल