वित्त मंत्री बनने की उम्मीद रखने वाले जयराम रमेश को जब सोनिया गांधी ने दिया था पर्यावरण मंत्रालय संभालने का प्रस्ताव

By अनुराग गुप्ता | Apr 09, 2022

नयी दिल्ली। कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में से एक और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश जटिल से जटिल मुद्दों पर बेबाकी के साथ अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। इतना ही नहीं जयराम रमेश कांग्रेस के उन नेताओं में से एक हैं जिन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के पक्ष में खुलकर कसीदे पढ़े हैं। आपको बता दें कि जयराम रमेश मूल रूप से अर्थशास्त्री और इतिहासकार हैं लेकिन यूपीए-2 में पर्यावरण मंत्रालय संभालने के बाद उन्हें एक नई पहचान मिली। 

जयराम रमेश ने एक साक्षात्कार में बताया था कि साल 2009 में जब कांग्रेस सत्ता में आई तो मैं वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी की संभालने की उम्मीद में था। लेकिन यूपीए की अध्यक्षा सोनिया गांधी ने मुझे पर्यावरण मंत्रालय संभालने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बताया था कि इस प्रस्ताव को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की और कहा था कि सर यह काम मेरे लिए नहीं है। मैं पर्यावरणविद् नहीं हूं और न ही 80 के दशक से कोई मुझे पर्यावरणविद् के तौर पर जानता है, मैं तो आर्थिक मुद्दों पर काम करता आया हूं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में काम किया है। हालांकि प्रधानमंत्री के समझाने पर जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी।

जयराम रमेश का जन्म 9 अप्रैल, 1954 को चिकमगलूर मैसूर स्टेट में हुआ था। पढ़ने-लिखने के शौकीन रहे जयराम रमेश ने अर्थशास्त्रियों को खूब पढ़ा है। उन्होंने साल 1975 में आईआईटी बॉम्बे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद मास्टर डिग्री के लिए कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के हेंज कॉलेज चले गए। 1977-78 में उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में डॉक्टरेट कार्यक्रम शुरू किया। हालांकि घरेलू कारणों से उन्हें बीच में ही भारत लौटना पड़ा था।

आपको बता दें कि जयराम रमेश हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के संस्थापक सदस्य हैं और न्यूयॉर्क स्थित एशिया सोसाइटी की अंतर्राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं। जयराम 2002 से चीनी अध्ययन संस्थान नयी दिल्ली के विजिटिंग फेलो और संबद्ध शोधकर्ता भी हैं।

राजनीतिक जीवन

यूपीए-2 सरकार में पर्यावरण मंत्री रह चुके जयराम रमेश ने नरसिम्हा राव सरकार में मनमोहन सिंह के साथ वित्त मंत्रालय में कार्यरत रह चुके हैं। इसके बाद 1996-98 के बीच में जयराम रमेश वित्त मंत्री पी चिदंबरम के सलाहकार भी रह चुके हैं। साल 2004 में उन्हें आंध्र प्रदेश के रास्ते राज्यसभा भेजा गया और फिर मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में उन्हें शामिल किया गया। साल 2006 में जयराम रमेश को वाणिज्य राज्य मंत्री बनाया गया और 2008 में ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। इसके बाद 2010 में फिर से राज्यसभा के लिए चुना गया और फिर उन्हें ग्रामीण विकास मंत्री और पेयजल और स्वच्छता मंत्री बनाया गया। यूपीए-2 की सरकार बनने पर जयराम रमेश को पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसके बाद उन्होंने पर्यावरण से जुड़े नियमों में कड़ाई की। जयराम रमेश को 2016 में तीसरी बार राज्यसभा भेजा गया। 

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PM मोदी की तारीफ कर चुके हैं जयराम

साल 2019 में जयराम रमेश ने एक किताब के विमोचन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह से नकारात्मक नहीं है। ऐसे में हमेशा उन्हें खलनायक की तरह पेश करने से कुछ नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि 2014 से लेकर 2019 तक प्रधानमंत्री मोदी ने जो काम किए हैं उसके महत्व को समझें।

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