By दिव्यांशी भदौरिया | May 10, 2026
गर्मी के मौसम में सबसे जरुरी शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखने के लिए पानी पीना सबसे जरुरी काम है, जब हम पानी पीते हैं तो मन में यह सवाल आता है कि फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पिएं या फिर नॉर्मल पानी? वैसे तो इसका चुनाव पूरी तरह से आपके शरीर की जरुरत और उस समय की स्थिति पर निर्भर करता है। आइए आपको बताते हैं इन दोनों ऑप्शन्स में सबसे जरुरी क्या है।
अगर आप तेज धूप से लौटते हैं या मेहनत करने के बाद बहुत पसीना बहा चुके होते हैं, तो ऐसे में हम सबको ठंडा पानी पीकर गजब की शांति मिलती है।
- फायदा- ठंडा पानी शरीर के बढ़े हुए तापमान को तेजी से कम करता है और शरीर ताजगी व ठंडक का एहसास दिलाता है।
- नुकसान- साइंस के मुताबिक, बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर की ब्लड वेसल्स सिकुड़ सकती हैं, जिसका हल्का असर आपके पाचन पर पड़ता है। इसके साथ ही अचनाक बहुत ठंडा पानी पीने से गले में खराश, सर्दी-जुकाम, पेंट में ऐंठन और एसिडिटी जैसी पाचन से संबंधित परेशानी शुरु हो सकती हैं।
नॉर्मल पानी
दूसरी तरफ, नॉर्मल यानी कमरे के तापमान वाला पानी शरीर के लिए सबसे उपयुक्त और आरामदायक माना जाता है। यह शरीर में आसानी से संतुलन बनाए रखता है और पाचन प्रक्रिया पर भी सकारात्मक असर डालता है। रोजाना इस तरह का पानी पीने से शरीर को बिना किसी अतिरिक्त दबाव के सही तरीके से हाइड्रेट रहने में मदद मिलती है।
- आसान पाचन- नॉर्मल पानी पीने से शरीर के प्राकृतिक तापमान के काफी करीब ले आता है। इसी वजह से शरीर इसे आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है और यह हमारे पाचन तंत्र पर कोई फालतू दबाव नहीं पड़ता।
- खाने के समय है बेस्ट- जब आप भोजन करते हैं या खाना खाने के तुरंत बाद नॉर्मल पानी पीना सबसे सही रहता है। गौरतलब है कि ठंडा पानी आपकी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है, जबकि नॉर्मल पानी इसको संतुलित करता है।
क्या है डॉक्टर की राय?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, यह बिल्कुल साफ है कि दोनों तरह के पानी के अपने-अपने प्रभाव हैं। ठंडा पानी भले ही तुरंत ताजगी देता है, लेकिन लंबी अवधि में और पाचन को दुरुस्त रखने के लिए नॉर्मल पानी एक संतुलित और बेहतरीन विकल्प है। इसलिए जब भी आप पानी पीने के लिए गिलास उठाएं, तो अपनी स्थिति और सेहत को ध्यान में रखकर ही पानी का चयन करें।