सेहतमंद Papaya कब बन जाता है खतरनाक? Doctor से जानें किन लोगों के लिए है ये 'Slow Poison'

By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 13, 2026

आमतौर पर पपीता का सेवन हर कोई करता है। असल में पपीता खाने की सलाह कब्ज होने पर दी जाती है। पपीता में डाइट्री फाइबर, विटामिन्स और कई सारे मिनरल्स पाए जाते हैं। हर किसी का पका पपीता काफी पसंद होता है यह मीठा और स्वादिष्ट होता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए कच्चे पपीते की सब्जी और इसका सलाद खाना पसंद होता है।

पपीते में कौन-से न्यूट्रिशन पाए जाते हैं

साइंस डायरेक्ट के अनुसार, पपीते में फाइबर, फोलेट, विटामिन-C, विटामिन-A, पोटैशियम, पपेन (Papain) एंजाइम पाए जाते हैं। यह फल हमेशा पाचन को सुधारने में मदद करता है और कब्ज की दिक्कत भी दूर करता है।

ये लोग भूलकर भी न खाएं पपीता

लेटेक्स एलर्जी होने पर पपीता न खाएं

अगर आपको लेटेक्स एलर्जी से समस्या है, तो आप भूलकर भी पपीता सेवन न करें, क्योंकि इससे आपको एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। पपीता में पाए जाने वाला नेचुरल लेटेक्स कुछ लोगों में क्रॉस-रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। जनरल ऑफ एलर्जी एंड क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी में बताया है कि पपेन और पपीता लेटेक्स संवेदनशील लोगों में एलर्जी का कारण बनता है। असल में लेटेक्स एलर्जी पीड़ित व्यक्ति को खुजली, त्वचा पर रैशेज, होंठों में सूजन, सांस लेने में परेशानी और गले में जलन महसूस होना।

प्रेग्नेंसी में कच्चा पपीता खाने से बचें

प्रेग्नेंसी के दौरान पपीता खाने की मनाही होती है। कच्चे पपीते में पाए जाने वाले लेटेक्स से बचना चाहिए। क्योंकि इससे प्रेग्नेंसी में तीव्र संकुचन हो सकते हैं, जिससे समय से पहले डिलीवरी की समस्या हो सकती है। वहीं, पपीते में पाए जाने वाले पैपेन को कुछ मामलों में गर्भवस्था के दौरान महिला का शरीर इसे गलती से प्रोस्टाग्लैंडिन समझ सकते हैं। प्रोस्टाग्लैंडिन का इस्तेमाल कई बार लेबर पेन शुरु करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, यह गर्भ में पल रहे बच्चों को सहारा देने वाली झिल्लियों को भी कमजोर कर देती है।

सांस से जुड़ी समस्या

एनआईएच की रिपोर्ट के अनुसार, पपीते में पाए जाने वाला पैपेन एंजाइम अस्थमा से पीड़ित लोगों में सांस लेने में तकलीफ पैदा हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर्स बताते हैं कि अस्थमा से पीड़ित लोगों को पपीते का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर को जरुर दिखाएं। 

किडनी के मरीज

अगर आपको किडनी संबंधित जुड़ी कोई समस्या है, तो उनको अधिक मात्रा में पपीते का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पपीते में अधिक मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है। नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार, जब शरीर में किसी फूड या अन्या सोर्स से पोटैशियमल की मात्रा अधिक हो जाती है, तो ऐसे में किडनी द्वारा अधिक पोटैशियमल को फिल्टर करके बाहर निकाला जा सकता है। जब किसी व्यक्ति पहले से किडनी की समस्या से पीड़ित है, तो उसको किडनी पर दबाव डालने वाले आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

पपीता खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

- ध्यान रहें कि हमेशा फ्रेश और पका हुए पपीता खाएं।

 - जरुरत से ज्यादा सेवन न करें।

 - किसी बीमारी में डॉक्टर की सलाह के बाद ही डाइट में बदलाव करें।

 - अगर आपको एलर्जी है, तो पपीता खाना बंद करें।

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