By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 24, 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान को लेकर शुक्रवार को ब्रिटेन में कई लोगों में आक्रोश देखा गया कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो देशों के सैनिक अग्रिम मोर्चे से दूर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कभी उनकी जरूरत नहीं पड़ी, हमने उनसे कभी कुछ मांगा भी नहीं। आप जानते हैं, वे कहेंगे कि उन्होंने अफगानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे थे या कुछ और, तथा उन्होंने भेजे भी थे, लेकिन वे अग्रिम मोर्चे से थोड़ा पीछे रहे।’’
ब्रिटेन में ट्रंप की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और अमेरिकी राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि वह इस टिप्पणी के लिए माफी मांगें। तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने 9/11 के बाद कहा था कि अलकायदा के हमलों के जवाब में ब्रिटेन अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।