By एकता | Jun 15, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हवाई हमले करके अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते को लगभग बिगाड़ दिया था। ट्रंप के मुताबिक, इस हमले की वजह से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाली डील में काफी देरी हुई। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने नेतन्याहू को बहुत मुश्किल इंसान भी कहा।
इस बीच, अमेरिका और ईरान दोनों ही लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को 'तुरंत और हमेशा के लिए' रोकने पर सहमत हो गए हैं। यह ऐतिहासिक समझौता 19 जून को स्विट्जरलैंड में साइन किया जाना है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों का रास्ता फिर से खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर कुछ नियम और गाइडलाइंस तय की जाएंगी।
इस पूरे समझौते में इजरायल को शामिल नहीं किया गया था, इसलिए उसके लिए इसे स्वीकार करना काफी मुश्किल हो सकता है। इजरायल ने अभी तक अमेरिका-ईरान समझौते की खबर पर कोई भी रिएक्शन नहीं दिया है। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पास ईरान और उसके साथी संगठनों (जैसे लेबनान के हिज्बुल्लाह) के साथ लड़ाई को जारी रखने के अपने देश के भीतर कुछ राजनीतिक कारण हैं।