By अभिनय आकाश | May 15, 2025
भारत की बड़ती ताकत से पश्चिमी देशों में असुरक्षा की भावना हमेशा से ही रही है। एक तरफ जहां विभिन्न फॉरेन कंट्रीज के लिए भारत मनपसंद डेसटिनेशन बना हुआ है। जहां विदेशी कंपनियां हिंदुस्तान में अपनी मैन्युफैक्चरिग, अपना सेंटर बनाना चाहती है। लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका दुर्भावना से ग्रसित नजर आ रहा है। भारत में एप्पल के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की मंशा पर अड़ंगा डालने की कोशिश अमेरिका की तरफ से की जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एप्पल के सीईओ से कहा है कि वो नहीं चाहते हैं कि एप्पल भारत में फैक्ट्री लगाए। ट्रंप ने कहा है कि भारत में फैक्ट्री लगाने की कोई जरूरत नहीं है।
वर्तमान में एप्पल अपने अधिकांश आईफोन चीन में बनाता है और अमेरिका में इसकी कोई उत्पादन इकाई नहीं है। भारत में, iPhone का अधिकांश उत्पादन दक्षिण में स्थित Foxconn के कारखाने में होता है। टाटा समूह भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है - इसने Wistron के स्थानीय परिचालन को अपने हाथ में ले लिया है और अब Pegatron की भारतीय सुविधाओं का संचालन करता है। टाटा और Foxconn दोनों ही लगातार विस्तार कर रहे हैं, नए संयंत्र जोड़ रहे हैं और दक्षिण भारत में उत्पादन बढ़ा रहे हैं। फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के बाद भारत अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता शुरू करने वाले पहले देशों में से एक था। दोनों पक्ष इस शरद ऋतु तक व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, भारत के वाणिज्य मंत्री ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों के साथ आगे की चर्चा के लिए 17 से 20 मई तक अमेरिका का दौरा करेंगे।
इसके अलावा, ट्रंप ने एक और बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि भारत ने अमेरिका की कई चीजों पर शून्य टैरिफ लगाने का ऑफर दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ कम करने की पेशकश की है। ट्रंप ने कहा कि भारत सरकार ने हमें एक ऐसा सौदा पेश किया है, जिसके तहत वे मूल रूप से हमसे कोई टैरिफ नहीं वसूलने को तैयार हैं। उन्होंने वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच चल रही व्यापार वार्ता में प्रगति का संकेत दिया।
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