By अभिनय आकाश | Aug 24, 2026
देश के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच रहे हैं। डोभाल पिछले कई वर्षों से चीन के साथ सीमा विवाद में भारतीय पक्ष के विशेष प्रतिनिधि के तौर पर नियुक्त हैं। बीजिंग दौरे पर डोवाल की मुलाकात चीनी विदेश मंत्री से होनी है। लेकिन दोनों के बीच यह द्विपक्षीय बैठक क्यों अहम हो जाती है? क्या दशकों पुराने सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में डोभाल का यह दौरा जो है निर्णायक साबित होगा? देश के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एलएसी पर चीन के साथ मुख्य वार्ताकार हैं। इस पर चीन की सहमति भारत के लिए पहली कूटनीतिक जीत है। क्योंकि दुनिया जानती है अजीत डोभाल जिस मसले की जिम्मेदारी उठाते हैं वो मसला हल हो ही जाता है। अजीत डोभाल जब बीजिंग पहुंचेंगे तब चीन के अपने काउंटर पार्ट विदेश मंत्री वांग यी के साथ वार्ता एलएसी पर निर्णायक मोड़ ले सकती है।
अजीत डोभाल और वांग यी के बीच बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि यह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से ठीक पहले हो रही है। शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने आ सकते हैं। शी जिनपिंग की यात्रा के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी चीनी नेता के शामिल होने को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं। शिखर सम्मेलन से इत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक भी हो सकती है। जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की पहलों पर चर्चा हो सकती है।