By अनन्या मिश्रा | Jul 27, 2026
क्या आपको इस बात की जानकारी है कि डिहाइड्रेशन यानी की शरीर में पानी की कमी का असर सिर्फ थकान या प्यास तक ही सीमित नहीं होता है। डिहाइड्रेशन महिलाओं के हार्मोनल संतुलन और पीरियड्स पर भी असर डाल सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो कई जरूरी शारीरिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। जिनमें हार्मोनल संतुलन भी शामिल है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कम पानी पीने से हार्मोनल हेल्थ और पीरियड्स पर भी क्या असर होता है।
वहीं डिहाइड्रेशन का असर ब्लड सर्कुलेशन पर भी देखने को मिलता है। जब शरीर में पानी कम मात्रा में होता है, तो ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है। जिस कारण पीरियड्स के दौरान क्रैम्प्स ज्यादा महसूस हो सकती है। वहीं शरीर में पानी की कमी से चक्कर, थकान और मूड स्विंग्स जैसे लक्षण भी बढ़ सकते हैं। यह पीरियड्स के दौरान आपको ज्यादा परेशान कर सकते हैं।
लेकिन यह कहना पूरी तरह से सही नहीं होगा कि सिर्फ डिहाइड्रेशन ही पीरियड्स को पूरी तरह से बिगाड़ता है। हालांकि यह एक अहम फैक्टर जरूर हो सकता है। लेकिन अगर लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहती है, तो यह ओवरऑल हार्मोनल हेल्थ पर असर डालती है।
इसलिए महिलाओं को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। खासकर पीरियड्स और गर्मियों में। सही हाइड्रेशन न सिर्फ आपके शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखता है। बल्कि यह पीरियड्स को बेहतर और हार्मोनल संतुलन को भी बेहतर तरीके से मैनेज करता है।