By Renu Tiwari | Sep 26, 2025
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने नशे में गाड़ी चलाने को एक गंभीर खतरा करार देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी गलत संकेत देगी और दूसरों को भी इसी तरह के खतरनाक आचरण में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगी। न्यायमूर्ति सुमित गोयल की अदालत ने संगरूर-पटियाला मार्ग पर खड़ी एक कार को टक्कर मारने वाले एक ट्रक चालक की जमानत याचिका खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं। इस हादसे में 24 वर्षीय एमबीबीएस छात्र की मौत हो गई थी।
उसने कहा, ‘‘जो व्यक्ति शराब के नशे में गाड़ी चलाने का विकल्प चुनता है, वह न केवल अपनी जान जोखिम में डालता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले निर्दोष नागरिकों की जान को भी खतरे में डालता है... सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था के मूल ढांचे को कमजोर करता है।
इसलिए, कानून ऐसे अपराधों के लिए सख्त कार्रवाई का आदेश देता है क्योंकि ऐसे मामलों में दी गई कोई भी ढील गलत संकेत देगी और दूसरों को भी इसी तरह के खतरनाक आचरण में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगी।’’ अदालत ने कहा कि ऐसे में याचिकाकर्ता नियमित जमानत की रियायत का हकदार नहीं है।