G20 Summit 2023: सितंबर के दूसरे सप्ताह में बना रहे हैं दिल्ली में मूवी देखने का प्लान, बंद रहेंगे ये थियेटर्स

By रितिका कमठान | Aug 29, 2023

जी20 शिखर सम्मेलन 2023 का आयोजन दिल्ली में होने जा रहा है जिसमें दुनिया भर के कई वीवीआईपी मेहमानों के आने की जानकारी है। इस जी20 शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में केंद्र सरकार से लेकर स्थानीय निकाय मिलकर तैयारियां कर रहे है। जी20 शिखर सम्मलेन का आयोजन 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में किया जा रहा है।

दिल्ली में 8-10 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान ऑफिसों में वर्क फ्रॉम होम के मोड पर काम किया जाएगा। शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली के अधिकतर बाजार खुले रहेंगे। वहीं दिल्ली के मूवी थियेटर भी खुले रहेंगे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने चार मूवी थियेटरों को बंद रखने का फैसला किया है, जबकि दिल्ली के अन्य थियेटर इस दौरान खुले रहेंगे।

फिल्म प्रदर्शनी अनुभाग के एक सूत्र के मुताबिक जी20 शिखर सम्मेलन की अवधि के दौरान और उससे एक दिन पहले, यानी 8 सितंबर, 9 सितंबर और 10 सितंबर को केवल चार मूवी थिएटर बंद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक सेंट्रल दिल्ली के कनाट प्लेस और चाणक्यपुरी क्षेत्रों में जो थिएटर बंद रहेंगे। इन इलाकों के पीवीआर चाणक्यपुरी, पीवीआर प्लाजा, पीवीआर रिवोली, आईनोक्स ओडियन थिएटर बंद रहेंगे।

गौरतलब है कि नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए, शिखर सम्मेलन की तारीखों के लिए सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं; जी20 शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर को होगा और 8 सितंबर से 10 सितंबर 2023 तक छुट्टियां घोषित की गई हैं। इस दौरान वाणिज्यिक बैंक, वित्तीय संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, केंद्र सरकार के कार्यालय, वैधानिक निकाय, निगम और उपक्रम, वाणिज्यिक दुकानें और व्यावसायिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। जी20 सम्मेलन के आयोजन को लेकर दिल्ली सरकार ने भी स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए है। 

प्रमुख खबरें

General NS Raja Subramani ने संभाला नए CDS का कार्यभार, सेना को आधुनिक बनाने पर जोर

Rahul Gandhi ने Mamata Banerjee को किया फोन, Abhishek Banerjee पर हमले को बताया लोकतंत्र पर चोट

World No Tobacco Day: सेहत ही नहीं, पर्यावरण का भी दुश्मन है तंबाकू, WHO ने क्यों शुरू किया ये दिन

Jyotiraditya Scindia बोले: दो सदियों से Hindi Journalism राष्ट्र चेतना की रीढ़, राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान।