E-20 Petrol जांच में मानक पर खरा उतरा, तेल कंपनियों ने प्रदूषण के दावे खारिज किए

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 07, 2026

नयी दिल्ली, सात अगस्त सार्वजनिक तेल कंपनियों ने शुक्रवार को कहा कि देशभर में की गई विस्तृत जांच में ई-20 पेट्रोल में नमी या क्लोराइड प्रदूषण के दावों की पुष्टि नहीं हुई है और ईंधन गुणवत्ता तय मानकों के भीतर पाई गई है। यह जांच हाल में मीडिया में आई खबरों के बाद तेज की गई थी जिनमें 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण वाले ई-20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड पाए जाने की बात कही गई थी। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने एक संयुक्त बयान में कहा कि समूची आपूर्ति शृंखला में की गई इस जांच से यह पुष्टि हुई कि ईंधन की गुणवत्ता लगातार निर्धारित मानकों के भीतर रही।

जांच में पेट्रोल के 100 से अधिक नमूनों में क्लोराइड स्तर 1 पीपीएम या उससे कम पाया गया। वहीं, डिस्टिलरी और खुदरा स्तर के नमूनों में यह 3 पीपीएम से नीचे रहा, जो “कई सौ पीपीएम” के दावों के विपरीत है। पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) का मतलब है कि किसी पदार्थ में किसी तत्व की मात्रा प्रति दस लाख हिस्सों में कितनी है।

निगरानी के दौरान केवल दो अलग-थलग मामलों में उच्च स्तर मिला, जिनमें तुरंत आपूर्ति रोककर ईंधन जांच शुरू की गई। देशभर के करीब 90,000 पेट्रोल पंपों पर टैंकों की जांच में अब तक पानी की मिलावट का कोई मामला सामने नहीं आया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि ई20 ईंधन सुरक्षित है और कुछ दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

सरकारी तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से पूरे भरोसे के साथ ई-20 पेट्रोल का उपयोग जारी रखने की अपील की है।

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