By एकता | May 24, 2026
अफ्रीका में इबोला बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने रविवार को एक अहम एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी उन भारतीय नागरिकों के लिए है जो कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। सरकार ने उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी स्वास्थ्य नियमों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक इबोला के 'बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन' का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कांगो और युगांडा में फैल रहे इस स्ट्रेन के प्रकोप को 'महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' माना है। इसके अलावा कांगो और युगांडा की सीमाओं से सटे दक्षिण सूडान जैसे देशों को भी संक्रमण के सबसे ज्यादा खतरे वाले इलाकों में रखा गया है।
WHO की आपातकालीन समिति ने 22 मई को सीमाओं और प्रवेश बिंदुओं पर बीमारी की निगरानी को मजबूत करने के लिए जरूरी सिफारिशें जारी की हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उन यात्रियों की जांच करना और उनका पता लगाना है, जो प्रभावित क्षेत्रों से आ रहे हैं और जिनमें बिना वजह तेज बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
इबोला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। यह एक वायरल बुखार है जो शरीर के अंदरूनी अंगों से खून बहने का कारण बनता है। इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से होने वाली इस बीमारी में मरीजों की मृत्यु दर काफी ज्यादा होती है। सबसे चिंता की बात यह है कि बुंडिबुग्यो स्ट्रेन को रोकने या इसके इलाज के लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।