By एकता | Feb 27, 2026
होली खेलने के लिए हर कोई बेताब बैठा है, लेकिन इस साल इसका मजा फीका पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि चंद्र ग्रहण ने सबको कन्फ्यूज कर दिया है कि होलिका दहन कब किया जाएगा और फिर रंगों वाली होली कब खेली जाएगी। अगर आप भी इसी बात को लेकर परेशान हैं, तो टेंशन छोड़िए और हमारा यह आर्टिकल पढ़िए।
हिंदू धर्म में होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा को होता है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:56 बजे शुरू होगी और अगले दिन 3 मार्च को शाम 5:08 बजे खत्म होगी। भद्रा का समय रात 2:38 बजे से सुबह 4:34 बजे तक रहेगा, इसलिए होलिका दहन के लिए 2 मार्च की शाम 6:51 से रात 9:18 बजे तक का समय सबसे शुभ है। इस दौरान पूजा करना बहुत फलदायी माना जाता है।
अब बात करते हैं रंगों की, पंचांग के अनुसार 3 मार्च की शाम तक पूर्णिमा है, लेकिन इसी दिन चंद्र ग्रहण का साया भी है। यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू हो जाएगा और भारत में दिखने के कारण इसका सूतक काल भी माना जाएगा। चूंकि रंगों वाली होली (धुलंडी) चैत्र महीने की प्रतिपदा को मनाई जाती है, इसलिए इस साल रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा।
होली पर पूजा-पाठ का भी अपना ही क्रेज है। इस दिन राधा-कृष्ण, भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा करना बहुत अच्छा माना जाता है। आप पूजा में गुलाल, रंग, ताजे फूल और मिठाइयां चढ़ा सकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति और पॉजिटिविटी बनी रहती है।