By दिनेश शुक्ल | May 13, 2021
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रीवा मुख्यालय से संभाग के सभी जिलों की विकासखण्ड एवं ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों से वर्चुअल चर्चा की। वह गुरूवार को कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति की समीक्षा के लिए रीवा पहुँचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के निवासी जो मन में ठान लेते हैं उसे कर गुजरते हैं। अब सबने मिलकर कोरोना की चेन को तोड़ने का संकल्प लिया है। सबके सहयोग से मई माह में ही कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में हमें सफलता मिलेगी। विन्ध्य क्षेत्र में बहुत जल्दी कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। सदियों के बाद कोरोना संकट जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। यह हम सबके लिये कठिन परीक्षा है। हम सब अपने प्रयासों से इस परीक्षा में अवश्य सफलता प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कम संक्रमित रोगियों को होम आइसोलेशन में रखें। जहाँ इसकी सुविधा नहीं है, वहाँ कोविड सेंटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों में इसकी व्यवस्था करें। मनरेगा के कार्य कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों के साथ चलायें। गाँव में ही कोरोना की चेन तोड़ने का प्रयास करें। होम आइसोलेशन के रोगी यदि गंभीर होते हैं तो तत्काल अस्पताल में भर्ती करायें। रीवा संभाग में पर्याप्त बेड, ऑक्सीजन तथा रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं। संभाग में पॉजिटिविटी रेट लगातार घट रहा है। हमने अगले 15 दिनों तक यदि जनता कर्फ्यू का ठीक से पालन किया और सावधानी बरती तो विन्ध्य क्षेत्र से मई माह में ही कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण हो जायेगा। इसके लिये हमें व्यवहार में सुधार करना आवश्यक है। सभी जन-प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन तथा आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य मिलकर प्रयास करेंगे तो हमे सफलता अवश्य मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव का सबसे कारगर साधन टीकाकरण है। टीकाकरण के लिये वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण जागरूकता के प्रयास करें। लोगों के मन में टीकाकरण की आशंकाओं को दूर करने के लिये लगातार प्रयास करें। हमने मई माह में सावधानी बरती तो जून माह से व्यवस्थायें सामान्य होनी शुरू हो जायेंगी। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, सांसद जनार्दन मिश्र, विधायक, जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से संभाग के सभी जिलों के विकासखण्ड स्तरीय तथा ग्राम पंचायत स्तरीय आपदा प्रबंधन दल इससे जुड़े रहे।