राजनीति की दशा, दिशा और परिभाषा बदलने वाले मोदी सरकार के आठ साल

By डॉ. राकेश मिश्र | May 30, 2022

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आठ साल पूरी कर रही है। यह आठ साल शासन और प्रशासन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। इस आठ सालों के कार्यकाल में देश में शासन और शासक की परिभाषा बदल गई है। भारत की राजनीति में सिर्फ राजनीति करने,चुनाव लड़ने और सत्ता हासिल करने की रीति-नीति पर विराम लग गया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राजनीति की रीति-नीति के साथ ही सरकार की संरचना और स्वभाव में भी बदलाव लाया है। इस सरकार ने शासक नहीं, बल्कि सेवक की भूमिका दिखाई है। शासन में सुशासन की स्थापना हुई है। भाजपा सरकार ने राष्ट्र के लिए सेवा, साधना, सहयोग और समर्पण का मार्ग चुना है। उसने अपने प्रशासनिक कार्यों को अपना सामाजिक दायित्व समझकर निभाया है। एक जिम्मेदार सरकार के रूप में मोदी सरकार देश ही नहीं पूरी दुनिया में विख्यात हुई है। यही कारण है कि आठ साल पहले प्रधानमंत्री का पद  संभालते ही नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे प्रधान सेवक के रूप में देश की जनता की सेवा करेंगे। वैसे जनसंघ काल से ही इस राजनीतिक संगठन का मूल आधार सेवा ही रहा है। देश में जब भी कोई संकट आया है तो जनसंघ और भाजपा के कार्यकर्ता लोगों की सेवा में आगे आते रहे हैं। अन्य राजनीतिक दलों के लिए राजनीति सत्ता तक पहुंचने का साधन और सत्ता सुख का साधन रहा है। किन्तु, भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीति एक साधना रही है और सत्ता सेवा का माध्यम। इसके कार्यकर्ता साधक के रूप में समाज और देश में लोगों के साथ खड़े रहे हैं। चाहे प्राकृतिक आपदा हो अथवा संकट का कोई अन्य क्षण, भाजपा के कार्यकर्ता लोगों की मदद हेतु आगे आते रहे हैं। फिर सत्ता में आते ही देश को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए खुद को समर्पित करते रहे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के उद्देश्य के साथ सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास मूल मंत्र  हो जाता है।

केंद्र की भाजपा सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम कर रही है। आज देश के पास नीतियां भी हैं, नियत भी है, निर्णयशक्ति भी है और निश्चयशक्ति भी है। इसलिए आज देश जो लक्ष्य तय कर रहा है, उन्हें पूरा भी कर रहा है।

भाजपा सरकार के जनकल्‍याणकारी कार्यों में गरीबों के लिए पक्के घर से लेकर शौचालय के निर्माण तक, आयुष्मान भारत योजना से लेकर उज्ज्वला योजना तक, हर घर नल से जल से लेकर हर गरीब को बैंक खाते तक, ऐसे कितने ही काम हुए हैं, जिनकी चर्चा आज दुनिया में हो रही है। मोदी सरकार कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कोहिमा तक एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को सशक्त कर रही है। आत्मनिर्भर भारत बनने की ओर बढ़ते कदम के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के कारण आज भारत की अर्थव्यवस्था भी लगातार सुदृढ़ हो रही है। वर्ष 2013-14 में भारत का एक्सपोर्ट 2।85 लाख करोड़ रुपये होता था, जो आज बढ़कर 4।70 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। करीब 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है जिसमें से करीब 5 करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन जल जीवन मिशन के तहत पिछले 2 वर्षों में दिए गए हैं। बजट में घोषणा की गई है कि इस साल करीब 4 करोड़ ग्रामीण घरों को पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। गरीबों को घर उपलब्ध कराए गए और अधिकतर घर महिलाओं के नाम पर हैं, यानि महिलाओं को घर की मालकिन बनाकर महिला सशक्तिकरण किया गया है। इसी तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को छ हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जा रहे हैं। इस साल के बजट में आकांक्षी जिलों में राज्यों के सहयोग से एस्पिरेशनल ब्लॉक्स अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान से समाज के निचले स्तर तक के लोगों को भी मजबूत किया जाएगा।

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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अपने ध्येय के साथ सदियों से चली आ रही श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य श्रीराममंदिर का सपना साकार हुआ। कश्मीर के मुद्दे पर मोदी सरकार ऐतिहासिक कार्य करते हुए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार किया। इसी तरह अंत्‍योदय के लक्ष्य के साथ नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार ने शासन की दिशा और दशा को बदल दी है। जनोन्मुखी योजनाएं और विकासोन्मुखी कार्यक्रमों के साथ सरकार ने अपने आठ साल पूरे किये हैं। उज्ज्वला योजना के तहत दस करोड़ महिलाओं को गैस सिलेंडर देकर उनके स्वास्थ्य का ध्‍यान रखा गया है तो ग्यारह  करोड़ शौचालय देकर महिला सशक्तिकरण किया गया है। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया गया है। आजादी से लेकर अटलजी की सरकार बनने तक मात्र एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान था और अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में छह

आयुर्विज्ञान संस्थान खोले गये और नरेंद्र मोदी के आठ साल के शासनकाल में 16 एम्स खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 55 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड दिया गया है।

कोरोना सदी की सबसे बड़ी महामारी के रूप में मानव जीवन पर संकट बनकर आई तो दुनिया के संपन्न देश भी अपने को असहाय महसूस करने लगे। 'लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 135 करोड़ की जनसंख्या को सुरक्षा कवच प्रदान किया है। वैक्‍सीन मैत्री के तहत दुनिया को भी मदद पहुंचाई है। इतना ही नहीं पहले भारत को किसी भी टीके के लिए दुनिया पर आश्रित रहना पड़ता था, किन्‍तु नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली वाली सरकार ने कोरोना जैसी नई महामारी के लिए मात्र नौ महीने में दो-दो टीके बनाकर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना काल के मुश्किल दौर में भी केंद्र की भाजपा सरकार 80 करोड़ गरीबों व वंचितों को मुफ्त राशन दे रही है। अपने नागरिकों का जीवन आसान बनाना भाजपा सरकारों और डबल इंजन की सरकारों की प्राथमिकता रही है।

देश की सीमा पर मौजूद गांवों को विकसित किया जा रहा है। इन गांवों में विद्युतीकरण, सड़क, पानी एवं अन्य जरूरी सुविधाओं को मुहैया कराया जा रहा है। वहीं सीमा की सुरक्षा के लिए भी व्यापक कार्य किए गए हैं।  

भारत में राजनीति की दशा, दिशा और परिभाषा बदली है, जिसका श्रेय भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। भारतीय राजनीति में जातिवाद, परिवारवाद, वंशवाद, क्षेत्रवाद के स्थान पर राष्ट्रवाद और विकासवाद चल पड़ा है। सच्‍चे अर्थों में देश में अमृत युग की ओर हम बढ़ रहे हैं।

- डॉ. राकेश मिश्र

(अध्यक्ष)

पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास, नई दिल्ली

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