By रेनू तिवारी | Jul 07, 2026
दुनियाभर में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को बेहद सख्त और विनाशकारी लहजे में चेतावनी दी है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दो टूक कहा कि अमेरिका या तो तेहरान के साथ कोई डील करेगा या फिर "काम खत्म कर देगा।" राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका चाहे तो ईरान के पूरे वजूद और उसके अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को चंद घंटों में जमींदोज करने की क्षमता रखता है।
हम काम खत्म कर देंगे: ट्रंप
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम किसी न किसी तरह जीतेंगे ही। या तो हम कोई डील करेंगे, या फिर हम काम खत्म कर देंगे।" उन्होंने कहा कि वे सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत से समाधान को प्राथमिकता देंगे। ट्रंप ने कहा, "मैं डील करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं 9.1 करोड़ (91 मिलियन) लोगों पर असर नहीं डालना चाहता। हम एक घंटे में उनके पुल गिरा सकते हैं। हम उनकी बिजली सप्लाई ठप कर सकते हैं, उन सभी बड़े प्लांट्स को नष्ट कर सकते हैं जो उन्होंने बनाए हैं - बड़े, सुंदर और आधुनिक प्लांट्स। उनके पास बहुत पैसा था। अब उनके पास कोई पैसा नहीं है। हमने उन्हें कोई पैसा नहीं दिया है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे दावा किया कि अमेरिका कुछ ही घंटों में ईरान की बिजली और पावर जनरेशन सुविधाओं को नष्ट कर सकता है। उन्होंने कहा, "लेकिन हम उनकी बिजली और पावर-जनरेटिंग प्लांट्स को, मैं कहूंगा कि दोपहर के एक छोटे से हिस्से में ही खत्म कर सकते हैं। हर प्लांट खत्म हो जाएगा। और वे यह बात जानते हैं।" अमेरिका के पास ईरान के बचे हुए नेताओं को खत्म करने की क्षमता है।
ट्रंप का यह बयान कुछ दिन पहले उनके उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वॉशिंगटन चाहे तो ईरान के बचे हुए नेताओं को "एक ही बार में" खत्म कर सकता है। वे उन सीनियर ईरानी अधिकारियों की बात कर रहे थे जो ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के हफ़्ते भर चले अंतिम संस्कार में इकट्ठा हुए थे। खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के जॉइंट एयर स्ट्राइक में मारे गए थे।
एक्सियोस (Axios) को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था, "वे सब वहीं हैं। एक शॉट [और हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं], लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।" इससे पता चलता है कि अपनी मिलिट्री क्षमता के बावजूद अमेरिका तेहरान के साथ डिप्लोमैटिक रास्ते खुले रखना चाहता है।
ईरान ने रविवार को ट्रंप के बयानों की कड़ी निंदा की। आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में ट्रंप और अमेरिका दोनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका कभी भी खामेनेई की मौत से जुड़े दुख को नहीं समझ पाएगा क्योंकि उसके पास "न तो कोई सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।"
दूतावास ने कहा, "लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं। आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, लेकिन असल में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ दी जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई।" यह बात दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में शामिल हुई भारी भीड़ के संदर्भ में कही गई थी।
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