By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि उसके सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हैं तथा किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर के बाद जारी एक बयान में यह टिप्पणी की है। खबर में कहा गया है कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विभिन्न राज्यों में नाम हटाए जाने सहित कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी।
निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं में और सुधार के लिए थे।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम निर्णय लिए जाने से पहले वे निर्णय लेने की प्रक्रिया का ही हिस्सा होती हैं। केवल तीनों निर्वाचन आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी भी चुनावी व्यवस्था में सुधार के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है।