By एकता | Jul 23, 2026
उत्तराखंड सरकार अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में अग्निवीर रोजगार सेल (ARC) बनाया जाएगा, जो चार साल की सैन्य सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को नौकरी और करियर से जुड़ी मदद देगा। सरकार का उद्देश्य है कि सेना में मिली ट्रेनिंग, अनुशासन और अनुभव का फायदा उन्हें नागरिक जीवन में भी मिल सके।
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रोजगार सेल अग्निवीरों को पुलिस विभाग, वन विभाग, आपदा प्रबंधन और कई निजी कंपनियों में रोजगार के अवसरों से जोड़ेगा। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी खोजने में भी मदद की जाएगी।
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर 31 दिसंबर 2026 को चार साल की सेवा पूरी करेंगे। उत्तराखंड सरकार की योजना है कि इससे पहले ही रोजगार सेल पूरी तरह काम शुरू कर दे, ताकि लौटते ही अग्निवीरों को करियर से जुड़ी सहायता मिल सके।
सेना से लौटने वाले हर अग्निवीर का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। उनकी ट्रेनिंग, तकनीकी जानकारी और अन्य कौशल का रिकॉर्ड एक डिजिटल स्किल बैंक में रखा जाएगा। इससे उनकी क्षमता के अनुसार नौकरी ढूंढने में आसानी होगी।
जो अग्निवीर अपनी योग्यता को और बेहतर बनाना चाहते हैं, उनके लिए 10 से 15 दिन के छोटे स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी चलाए जाएंगे।
राज्य सरकार पर्यटन, होटल, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खेल, मैन्युफैक्चरिंग और आपदा प्रबंधन समेत 50 से अधिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। रोजगार सेल सरकारी विभागों, स्किल डेवलपमेंट एजेंसियों और निजी कंपनियों के बीच एक कड़ी का काम करेगा।
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इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा, ताकि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। उत्तराखंड सरकार पहले ही राज्य की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा कर चुकी है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भर्ती में भी उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
अग्निपथ योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं की भर्ती सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए की जाती है। सेवा पूरी होने के बाद 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में रखा जाएगा, जबकि 75% अग्निवीर नागरिक जीवन में लौटेंगे। ऐसे में उनके लिए रोजगार और करियर की व्यवस्था करना सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।