एनसाइक्लोपीडिया बनी 'टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा' पुस्तक (पुस्तक समीक्षा)

By डॉ. प्रभात कुमार सिंघल | Jun 02, 2022

कला-संस्कृति, अतीत का वैभव, प्राकृतिक सुषमा, धर्म-दर्शन, साहित्य एवं लोक कलाएं किसी भी स्थान विशेष की अपनी थाती होती हैं। समृद्ध उद्योग-व्यापार उस क्षेत्र की उन्नति का आधार होता है वहीं ये संस्कृति के संरक्षण में भी सहायक होते हैं।

जिले की सभ्यता, संस्कृति, परम्पराओं, रीति-रिवाजों, कुशल शिल्पकारों, चितेरों, गायन-नृत्य, उत्सव, मेलों और सामाजिक जीवन की विविध परम्पराओं के दर्शन होते हैं। ये सब मिल कर जिले की रंग-बिरंगी और रुपहली संस्कृति का अनूठा रूप प्रस्तुत करते हैं।

इसे भी पढ़ें: चिंता और क्षोभ प्रकट करता काव्‍य संग्रह 'भीड़ का आदमी' (पुस्तक समीक्षा)

भीलवाड़ा जिले के सांस्कृतिक एवं विकासात्मक पहलुओं को रेखांकित करते हुए लेखिका श्रीमती शिखा अग्रवाल की नवीनतम तीसरी पुस्तक "टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा" सामने आई है। पुस्तक में लेखिका ने जिले की समस्त जानकारी को समाहित कर जिले का एनसाइक्लोपीडिया बना दिया है। अंत में झलक के रूप में रंगीन चित्र भी दिए हैं। पुस्तक की भूमिका राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय के अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने लिखी है। पुस्तक अमेजॉन एवं फिलिप कार्ट पर उपलब्ध है।

पुस्तक का नाम- टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा

लेखिका- श्रीमती शिखा अग्रवाल, भीलवाड़ा

पुस्तक मूल्य- 300₹

प्रकाशन- सहित्यागार, चौड़ा रास्ता, जयपुर।

- समीक्षक

डॉ.प्रभात कुमार सिंघल

लेखक एवं पत्रकार

प्रमुख खबरें

CM Omar Abdullah कहां हैं? Jammu में बिजली-पानी संकट पर BJP ने छेड़ा Poster Campaign

Bengaluru में Cockroach Janta Party पर एक्शन, गृह मंत्री Parameshwara बोले- पुलिस का फैसला स्वतंत्र

Vinesh Phogat को मिली बड़ी राहत, Delhi High Court ने Asian Games Trials में हिस्सा लेने की दी इजाजत

मोदी के भारत लौटते ही अचानक कौन मिलने आया? बड़ा खेल शुरू!