भारत से दुश्मनी पड़ गई भारी, मालदीव पर मोदी सरकार की स्ट्राइक

By अभिनय आकाश | Mar 14, 2024

इंडिया आउट का नारा देकर सत्ता में आई मालदीव की मुइज्जू सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। मालदीव ने पहले तो भारतीय सैनिकों को दिल्ली का रास्ता दिखाया फिर हाइड्रोग्राफिक सर्वे एग्रीमेंट रिन्यु करने की बात से पल्ला झाड़ा तो उसे लगा कि भारत खामोशी से सब सह लेगा। लेकिन भारत ने बड़ा खेल कर दिया। आर्थिक आंकड़े चीन के चेले मुइज्जू के सिर दर्द को बढ़ा रहे हैं। मालदीव के राष्ट्रपति जितनी बार इन आंकड़ों को देख रहे हैं। उतनी बार परेशान हो जा रहे हैं। भारत ने बिना एक्शन लिए चीन की गोद में बैठे मालदीव से अपना बदला ले लिया है। मालदीव की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। 

इसे भी पढ़ें: Maldives ने फिर लिया भारत से पंगा, बीच समुंदर पकड़ी नाव, मोदी करेंगे अब ये काम

मालदीव का दौरा करने वाले देश के 18,561 पर्यटकों के साथ रूस चार्ट में शीर्ष पर है, इसके बाद इटली (18,111), चीन (16,529) और यूके (14,588) हैं। जर्मनी छठे स्थान पर है, उसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, पोलैंड और स्विट्जरलैंड हैं। 2023 में 17 लाख से अधिक पर्यटकों ने द्वीप राष्ट्र का दौरा किया, जिनमें से अधिकतम भारतीय (2,09,198) थे, उसके बाद रूसी (2,09,146) और चीनी (1,87,118) थे। मालदीव में भारतीय आगंतुकों की संख्या 2022 में 2.4 लाख से अधिक और 2021 में 2.11 लाख से अधिक थी। जानकार बता रहे हैं कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो बहुत जल्द ही मालदीव को 2 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम घाटा उठाना पड़ सकता है। इस घाटे को भरने के लिए मालदीव क्या करेगा ये पूरी दुनिया को अच्छे से पता है। मालदीव की तरफ से इस घाटे को भरने के लिए चीन के आगे हाथ पसारेगा। बदले में तरस खाकर चीन उसे अपने कर्ज तले दबा देगा। 

प्रमुख खबरें

IPL 2026: खत्म नहीं हो रहा केकेआर की हार का सिलसिला, चेन्नई सुपर किंग्स ने दर्ज की दूसरी जीत

Gulf of Oman में गरमाई Geopolitics, अमेरिकी नौसेना को देखते ही प्रतिबंधित टैंकर ने बदला रूट

Champions League: Barcelona के सामने Comeback की बड़ी चुनौती, Atletico से Quarter-final में करो या मरो की जंग।

Grandmaster Harika Dronavalli ने तोड़ी चुप्पी, नमस्ते विवाद पर बोलीं- Social Media पर गलत समझा गया