By अंकित सिंह | Jan 16, 2026
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के संचालन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की खराबी और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दावा किया। परिणाम दिवस पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि मुंबई में जो मतदान पैटर्न देखने को मिल रहा है वह "एक गंभीर मामला" है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से गायब हैं जहां शिवसेना (यूबीटी), महाराष्ट्र नवीन निर्माण सेना (एमएनएस) और कांग्रेस को पारंपरिक रूप से मजबूत समर्थन प्राप्त है।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि हजारों लोगों के नाम, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में भी मतदान किया है, मतदाता सूची से गायब हैं। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों में हो रहा है जहां शिवसेना (यूबीटी), एमएनएस या कांग्रेस के वोट अधिक हैं। राउत ने यह भी दावा किया कि कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में खराबी आ रही थी। उन्होंने कहा कि जहां एनसीपी के लिए वोट बटन दबाया गया, वहां भाजपा के लिए लाइट जल गई। शिवसेना (यूबीटी) के मशाल चिन्ह और एमएनएस के इंजन चिन्ह के साथ भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
वरिष्ठ भाजपा नेताओं और मुंबई नगर आयुक्त भूषण गगरानी के बीच हुई बैठक पर सवाल उठाते हुए राउत ने आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, "कल शाम करीब 6 बजे वरिष्ठ भाजपा नेताओं और मुंबई नगर आयुक्त के बीच बैठक हुई। ऐसा क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है। आप आयुक्त के साथ डेढ़ घंटे बैठे और क्या तय किया? क्या आपने आज के नतीजे पहले ही तय कर लिए?"
राउत ने एग्जिट पोल के समय को लेकर भी चिंता जताई और दावा किया कि आधिकारिक मतदान प्रतिशत घोषित होने से पहले ही उन्हें जारी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत घोषित होने से पहले ही एग्जिट पोल के नतीजे आ गए। ये क्या हो रहा है? कुछ जगहों पर मतदान जारी रहने के दौरान ही एग्जिट पोल आ गए, लेकिन भाजपा से जुड़े मीडिया संस्थानों ने इन्हें एक-एक करके जारी करना शुरू कर दिया। भाजपा नेता अपनी जीत का जश्न मनाने लगे। ये किस तरह का लोकतंत्र है?