By अनन्या मिश्रा | Mar 28, 2026
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह हमारे दिमाग को अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों से बचा सकता है। बता दें कि शोधकर्ताओं ने एक नई जैविक प्रक्रिया की पहचान की है, जिसमें यह पूरी तरह से साफ कर दिया गया है कि शारीरिक एक्टिविटी से हमारे सोचने और याद रखने की क्षमता में सुधार क्यों होता है। यह शोध बताता है कि व्यायाम सिर्फ बॉडी ही नहीं बल्कि दिमाग को जवां बनाए रखता है।
लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, यह सुरक्षा कवच कमजोर पड़ने लगता है और इसमें रिसाव होने लगता है। इस रिसाव की वजह से खून से हानिकारक प्रोटीन मस्तिष्क के ऊतकों में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। यह हानिकारक प्रोटीन दिमाग में सूजन पैदा करते हैं। जोकि सीधे रूप में बौद्धिक क्षमता में गिरावट और अल्जाइमर जैसी बीमारियों से जुड़ा होता है।
व्यायाम एक जादू की तरह काम करता है। शोध के मुताबिक फिजिकल एक्टिविटी मस्तिष्क के इस अंतर्निहित रक्षा तंत्र को मजबूत करती है। जब आप व्यायाम करते हैं, तो हमारा शरीर लिवर को एक खास एंजाइम छोड़ने के लिए प्रेरित करता है। यह एंजाइम उन हानिकारक प्रोटीनों को नष्ट कर देता है, जो दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं व्यायाम मस्तिष्क की इस सुरक्षात्मक परत की मरम्मत करके दिमाग को तेज करता है। इससे बढ़ती उम्र के साथ दिमाग के कमजोर होने का प्रोसेस भी धीमा हो जाता है।
इस प्रोसेस को समझने के लिए शोधकर्ताओं ने चूहों पर अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि जब शरीर में हानिकारक प्रोटीन की मात्रा को कम किया गया, तो चूहों के दिमाग की सूजन कम हो गई। उनकी याददाश्त में भी काफी सुधार हुआ। यह महत्वपूर्ण खोज है, क्योंकि इसके माध्यम से अल्जाइमर और उम्र के साथ होने वाली दिमागी समस्याओं के लिए नए और बेहतर उपचार ढूंढने में मदद मिल सकती है।