Health Tips: दोपहर की नींद बन सकती है 'Silent Killer', बढ़ाती है Heart Attack और Diabetes का खतरा

एक स्टडी में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि दोपहर में सोने की आदत दिल की बीमारियों, डायबिटीज और यहां तक कि समय से पहले मौत के खतरे को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
दोपहर के समय में एक छोटी सी झपकी लेना हम सभी को पसंद होता है। दिनभर की थकान के बीच यह कुछ पल का सुकून जरूर देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर के मुताबिक दोपहर की नींद आपके लिए यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। हार्वर्ड की एक स्टडी ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि दोपहर में सोने की आदत दिल की बीमारियों, डायबिटीज और यहां तक कि समय से पहले मौत के खतरे को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
सोने से पहले जान लें ये नियम
दरअसल, दोपहर की नींद बुरी नहीं होती है। लेकिन खतरा तब पैदा होता है, जब आप 'गलत समय' या 'गलत अवधि' के लिए सोते हैं। शरीर के लिए गलत तरीके और गलत समय से ली गई झपकी किसी जहर की तरह काम करती है, वहीं आपकी सेहत को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती है।
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हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक एक स्टडी में बताया गया है कि आप खुद को इस खतरे से कैसे बचा जा सकता है। अगर आप दोपहर में सोना ही चाहते हैं और बीमारियों से भी बचना चाहते हैं। तो आपको इन दो आसान नियमों का पालन करना चाहिए।
सही अवधि
दोपहर की झपकी सिर्फ 10 से 30 मिनट के बीच होना चाहिए। इससे ज्यादा लंबी नींद आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।
सही समय
दोपहर की छोटी सी झपकी लेने का सबसे सुरक्षित समय सुबह 11:00 बजे दोपहर 02:00 बजे के बीच का है। दोपहर 2 बजे के बाद भूलकर भी नहीं सोना चाहिए।
वहीं सबसे जरूरी बात यह है कि आपको अपनी नींद का मुख्य हिस्सा रात में ही पूरा करना चाहिए। अगर आप रात में बिना किसी परेशानी के सुकून भरी नींद लेना चाहते हैं, तो दोपहर में ज्यादा देर नहीं सोना चाहिए।
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