By एकता | Sep 06, 2026
साउथ वेस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन के पास रविवार दोपहर एक 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, एमसीडी और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि उसकी पास में ही दुकान है। घटना के वक्त लोग दुकान के अंदर बैठे थे, तभी अचानक तेज आवाज सुनाई दी। चश्मदीद के मुताबिक, आवाज इतनी तेज थी कि ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो।
उसने बताया कि बाहर निकलने पर पूरे इलाके में धूल और धुआं फैला हुआ था और इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुकी थी। चश्मदीद ने दावा किया कि कुछ लोगों के शव भी निकाले गए हैं, जबकि कुछ बच्चों को जिंदा बाहर निकाला गया।
चश्मदीद के मुताबिक, मलबे के अंदर से अभी भी लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। उसने दावा किया कि अंदर से बच्चे लगातार मदद के लिए आवाज लगा रहे हैं। उसके अनुसार, मौके पर करीब 25 से 30 बच्चों के होने की बात सामने आई है। आसपास लड़कों और लड़कियों के PG भी बताए जा रहे हैं। चश्मदीद ने 4-5 लोगों के रेस्क्यू और 2-3 शव निकाले जाने का दावा किया है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
एक चश्मदीद ने इमारत में बेसमेंट बनाने का काम चलने का भी दावा किया। उसके मुताबिक, ऊपर की संरचना को मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के पिलर कमजोर थे। ग्राउंड फ्लोर पर किराए के लिए जगह बनाने को लेकर इमारत में बदलाव और निर्माण कार्य चल रहा था। चश्मदीद के अनुसार, नीचे काम कर रहे कुछ मजदूर भी मलबे में दब गए। हालांकि, इमारत गिरने की असली वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि गिरी हुई इमारत को हॉस्टल डेज कहा जाता था और यहां लड़कों का पीजी चलता था। उसके मुताबिक, यह पांच मंजिला इमारत थी और इसके ठीक बगल की एक दूसरी इमारत भी ढह गई। चश्मदीद ने बताया कि जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वे मलबे में फंस गए। कितने छात्र अंदर थे, इसकी सही जानकारी पीजी के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
चश्मदीद के मुताबिक, हादसे के कुछ ही मिनट बाद फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और लोगों को मलबे से निकालने में जुट गए। कई छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने की बात भी कही जा रही है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है। मलबे के अंदर कितने लोग फंसे हैं और हादसे में कितने लोगों की मौत या चोट लगी है, इसकी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।