अगर पाकिस्तान काली-सूची में गया तो देश पाई-पाई को हो जाएगा मोहताज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 24, 2019

इस्लामाबाद। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने कहा है कि पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को ‘काली सूची’ में डालने की स्थिति में देश में पूंजी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

आतंकवाद के वित्तपोषण की वैश्विक स्तर पर निगरानी रखने वाले एफएटीएफ ने पाकिस्तान को फरवरी, 2020 तक की विस्तारित अवधि के लिए ‘ग्रे लिस्ट’ में डाला है। साथ ही एफएटीएफ ने उसे आगाह किया है कि यदि वह 27 प्रश्नों की सूची में शेष 22 बिंदुओं का अनुपालन करने में विफल रहता है तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: भारत को मिला ईरान का साथ, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बनाया निशाना

पाकिस्तान ने 22 सवालों पर अपने जवाब एफएटीएफ को छह दिसंबर को सौंपे थे। आईएमएफ ने अपनी स्टाफ स्तर की रिपोर्ट में कहा है कि एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को काली सूची में डालने की स्थिति में देश में पूंजी का प्रवाह रुक जाएगा और निवेश भी नीचे आएगा। आईएमएफ की टीम की पाकिस्तान यात्रा के दौरान इस रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पाकिस्तान में आईएमएफ के कार्यक्रम के समक्ष घरेलू और बाहरी कारणों, दोनों की वजह से जोखिम है। 

प्रमुख खबरें

राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे की हुई आधिकारिक पुष्टि, बैठक में तय होगी अगली भूमिका

Bengal में Vegetarianism थोपने का आरोप! Mid-Day Meal से Eggs हटाने पर TMC का BJP पर वार

ब्रिटेन का बड़ा कदम: इमिग्रेशन कानून सख्त, शरणार्थियों के लिए नए स्पॉन्सरशिप रास्ते खुले UK इमीग्रेशन

US-Iran शांति समझौते पर ग्रहण! ईरान ने Bahrain में खोला New Front, बढ़ा संघर्ष