Tyagaraja Birth Anniversary: कर्नाटक संगीत के पितामह, जानें उनकी Ram Bhakti के अनसुने किस्से

By अनन्या मिश्रा | May 04, 2026

संगीतकार संत त्यागराज का जन्म आज ही के दिन यानी की 04 मई को हुआ था। वह भक्तिमार्गी कवि एवं कर्णाटक संगीत के महान संगीतज्ञ थे। उन्होंने समाज एवं साहित्य के साथ-साथ कला को भी समृद्ध करने का काम किया था। संगीतज्ञ त्यागराज भगवान श्रीराम के भक्त थे और उन्होंने श्रीराम की स्तुति में हजारों कृतियां रची थीं। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर संगीतज्ञ त्यागराज के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...


जन्म और परिवार

तमिलनाडु में 04 मई 1767 को त्यागराज का जन्म हुआ था। वहीं महज 13 साल की उम्र में त्यागराज ने अपने गुरु सोंटी वेंकट रामय्या के मार्गदर्शन में संगीत की यात्रा की शुरूआत की थी। त्यागराज की पहली रचना 'नमो नमो राघवाय' था। अपने पूरे जीवन में त्यागराज ने कर्नाटक संगीत में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

त्यागराज की रचनाएं

त्यागराज की ज्यादातर रचनाएं तेलुगू भाषा में हैं, जो उनकी मातृभाषा थी और उनकी कुछ कृतियां संस्कृत में भी हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम की स्तुति में 24,000 कृतियों की रचनाएं की थी। इनमें से करीब 700 कृतियां त्यागराज के संगीत शिष्यों की पीढ़ियों के माध्यम से युगों तक जीवित रहीं।

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संगीत के प्रति प्रेम

संत त्यागराज की रचनाएं ताल और राग की सुंदरता से परिपूर्ण होने के साथ भावों से भी भरपूर थीं। त्यागराज न सिर्फ एक प्रतिभावान कलाकार थे, बल्कि संगीज का सहज ज्ञान भी था। इसके अलावा उनको शास्त्रों का भी गहरा ज्ञान था। त्यागराज ने धन या प्रसिद्धि के लिए गायन नहीं किया था, बल्कि संगीत को भी अपने प्रिय देवता श्रीराम के प्रति अपनी अटूट भक्ति को अभिव्यक्ति के रूप में चुना था।

श्रीराम की भक्ति

भगवान राम के प्रति संत त्यागराज का पूरा परिवार समर्पित है। उनके पिता और नाना ने उनके अंदर बचपन से राम भक्ति के बीज बो दिए थे। उनके लिए संगीत सिर्फ कला नहीं बल्कि यह ईश्वर की पूजा थी। श्रीराम से उनका प्रेम इतना गहरा था कि उन्होंने सभी सांसारिक सुखों का त्याग कर दिया था। त्यागराज की सभी कृतियां उनके प्रिय श्रीराम के गुणों का गुणगान किया गया है। उनकी उत्कृष्ट रचना 'जगदानंदकारक' में भगवान के 108 नामों का वर्णन है। जिनमें से प्रत्येक राम के अद्वितीय गुणों का वर्ण करता है।

मृत्यु

वहीं 06 जनवरी 1847 में 79 वर्ष की आयु में संत और संगीतकार त्यागराज निधन हो गया था।

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