By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने रविवार को सरकार से निर्यातकों को नियामकीय मंजूरी के अधीन अपने कारखानों में ही उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित करने में मदद देने का आग्रह किया। संगठन ने कहा कि इससे प्रमाणन की प्रक्रिया तेज होगी और निर्यात खेप समय पर भेजने में मदद मिलेगी। फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा कि मंजूर व्यवस्था के तहत निर्यातकों को अपने परिसर में उत्पादों की जांच की अनुमति देने से साझा जांच केंद्रों पर निर्भरता कम होगी और कंपनियां विदेशी बाजारों में खरीदारों को तय समयसीमा के भीतर आपूर्ति कर सकेंगी।
रल्हन ने कहा, ‘‘शुल्क सालाना 10-12 लाख रुपये तक होता है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार से मंजूरी प्राप्त कारखानों में ही उत्पादों की जांच की सुविधा से इन चिंताओं को दूर करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि उत्पाद आयातक देशों के गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरें। वैश्विक उदाहरण देते हुए फियो अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका की कंपनियों को अपने यहां उत्पादों की जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं।