केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा की फाइल 7 जून से उपराज्यपाल के पास अटकी हुई है : सूत्रों का दावा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 25, 2022

नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार की कई महत्वपूर्ण फाइल को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है जिनमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जुलाई में शहरों से जुड़े विश्व शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निर्धारित सिंगापुर यात्रा से संबंधित फाइल भी शामिल है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह दावा किया। इससे उपराज्यपाल कार्यालय और अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच नए सिरे से गतिरोध पैदा होने का अनुमान है। इस संबंध में उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

इसे भी पढ़ें: अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के कार्यालय में तोड़फोड़ की आलोचना की

उन्होंने यह आरोप तब लगाया था जब उपराज्यपाल ने कोविड महामारी के दौरान यहां सात अस्थायी अस्पतालों के निर्माण में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए भ्रष्टाचार रोधी शाखा को मंजूरी दे दी थी। इस मामले में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक बयान में आरोप लगाया कि उपराज्यपाल चार अधिकारियों के निलंबन को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने भूमि संबंधी भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में उठाया था और सदन की विशेषाधिकार समिति ने इसकी जांच की थी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा संबंधी फाइल सात जून से मंजूरी के लिए उपराज्यपाल कार्यालय में लंबित है। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार की कई महत्वपूर्ण फाइल को अभी तक उपराज्यपाल से मंजूरी नहीं मिली है, जिनमें मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा से जुड़ी फाइल भी शामिल है। फाइल सात जून से उपराज्यपाल के पास है।’’ उन्होंने दावा किया कि कई छोटे मुद्दों की फाइलें भी उपराज्यपाल कार्यालय में अटकी हुई हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह दिल्ली में शासन को प्रभावित कर सकता है। अधिकारियों ने बताया कि ‘प्रोटोकॉल’ के मुताबिक मुख्यमंत्री समेत किसी भी मंत्री को आधिकारिक विदेश यात्राओं के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होती है और मंजूरी के लिए फाइल उपराज्यपाल कार्यालय के जरिए गृह मंत्रालय को भेजी जाती है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘फाइल पिछले तीन हफ्तों से उपराज्यपाल के कार्यालय में अटकी हुई है। दिल्ली के इतिहास में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।’’ सूत्रों ने बताया कि पिछले उपराज्यपाल के समय, मुख्यमंत्री के दौरों से संबंधित फाइलों को मंजूरी दे दी गई थी और एक या दो दिनों में दिल्ली सरकार को वापस भेज दी गई थी।

प्रमुख खबरें

Crazy Rich Asians प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी! HBO ने किया सीरीज का ऐलान, जानिए भारत में कहां देख सकते हैं ओरिजिनल फिल्म

Ranchi T20I में रनों की बारिश पर Gautam Gambhir बोले- बल्ले और गेंद में संतुलन जरूरी

India Laser experiment: भारत ने लेजर से भेजा संदेश, देश को मिला बहुत बड़ा सीक्रेट

Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, पाबंदियों को तानाशाही बताया