By अंकित सिंह | May 16, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज किए जाने के बाद टीएमसी सांसद डोला सेन ने विश्वास व्यक्त किया कि सत्य और न्याय की जीत होगी। सेन की टिप्पणियों से एक दिन पहले, 15 मई को बिधाननगर उत्तर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि बनर्जी ने राजनीतिक रैलियों और चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ, धमकी भरे और उत्तेजक भाषण दिए, जिससे हिंसा भड़की, शत्रुता को बढ़ावा मिला और जन शांति भंग हुई।
पत्रकारों से बात करते हुए सेन ने कहा कि अंतिम फैसला हमेशा न्याय, सत्य और जनता के हाथ में होता है। इसलिए, हम दृढ़ता से मानते हैं कि इस मामले में भी अंतिम फैसला सत्य, न्याय और आम जनता के पक्ष में ही होगा। भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(सी) के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(2) और 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले शनिवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और उनके नेताओं ने तानाशाही तरीके से काम किया है। उस समय लोग डर के मारे शिकायत नहीं कर पाए थे। लेकिन अब वे शिकायत करने को तैयार हैं और पुलिस कार्रवाई करने को तैयार है, इसलिए न्याय जरूर मिलेगा।
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