जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलने से जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर उठे सवाल

By नीरज कुमार दुबे | Mar 12, 2026

जम्मू में बुधवार रात एक शादी समारोह में बंदूकधारी के हमले में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बाल-बाल बच गए। यह घटना उस समय हुई जब अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी शहर के बाहरी इलाके में स्थित ग्रेटर कैलाश क्षेत्र के समारोह स्थल से निकल रहे थे। आरोपी की पहचान कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जो पुरानी मंडी का निवासी है। वह पिस्तौल लेकर अब्दुल्ला के पीछे पहुंचा और गोली चला दी। हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा के दो अधिकारियों ने उसे काबू कर लिया। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने इस घटना को "सुरक्षा में चूक" बताया, जबकि पुलिस ने कहा कि विस्तृत जांच जारी है।

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बताया जा रहा है कि फारुक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी पार्टी नेता बी.एस. चौहान को उनके बेटे की शादी पर बधाई देने आए थे और वे कार्यक्रम स्थल पर एक घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकारों से कहा कि आपको सुरक्षाकर्मियों और पुलिस से पूछना चाहिए कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

दूसरी ओर, जम्मू शहर के दक्षिण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने बताया कि विवाह समारोह में लाइसेंस प्राप्त हथियार से गोली चलने की घटना हुई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के आतंकवादी कोण की पुष्टि नहीं हुई है।

हम आपको बता दें कि इस घटना के बाद एक वीडियो भी तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें आरोपी खुद को 63 वर्ष का बताता हुआ नजर आता है। वीडियो में वह दावा करता है कि वह पिछले बीस वर्ष से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था और यह उसका निजी एजेंडा था। हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

दूसरी ओर, राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस अध्यक्षा मल्लिकार्जुन खरगे ने आज राज्यसभा में यह मामला उठाते हुए जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाये। वहीं कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि किसी वरिष्ठ नेता पर इस तरह का हमला बेहद निंदनीय है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह कायरतापूर्ण कृत्य है और सौभाग्य की बात है कि सभी नेता सुरक्षित हैं। वहीं पीडीपी के विधायक वहीद पर्रा ने इसे बेहद चौंकाने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और कहा कि वरिष्ठ नेता के खिलाफ हिंसा किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने भी कहा कि इस प्रकार की हिंसक घटनाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि यह घटना एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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