Morarji Desai Death Anniversary: पहले Non-Congress PM जिन्हें मिला Bharat Ratna, जानें क्यों Pakistan ने भी दिया सर्वोच्च सम्मान

By अनन्या मिश्रा | Apr 10, 2026

भारतीय राजनीति में बहुत कम ऐसे राजनेता हुए, जिन्होंने पूरा जीवन अपने सिद्धांतों का पालन किया। ऐसे ही एक राजनेता मोरारजी देसाई थे। वह अपने सिद्धांतों के लिए किसी से भी लड़ जाते थे। मोरारजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री थे। आज ही के दिन यानी की 10 अप्रैल को मोरारजी देसाई का निधन हो गया था। वह प्रशासनिक नौकरी छोड़कर राजनीति में शामिल हुए थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर मोरारजी देसाई के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

PM पद के सबसे मजबूत दावेदार

मोरारजी देसाई बहुत काबिल नेता थे। साल 1964 में तत्कालीन पीएम नेहरू के निधन के बाद वह पीएम पद के सबसे मजदूर दावेदार थे। लेकिन कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी के कारण वह अपने साथ अधिक सदस्यों को नहीं जोड़ पाए। ऐसे में लाल बहादुर शास्त्री अगले पीएम बने। लेकिन साल 1966 में शास्त्री के निधन के बाद एक बार फिर पीएम पद खाली हो गया। मोरारजी और इंदिरा गांधी में प्रधानमंत्री बनने को लेकर टक्कर थी।

मोरारजी देसाई खुद को कांग्रेस का बड़ा नेता समझते थे। वह इंदिरा को गूंगी गुड़िया कहते थे। वहीं अन्य कई नेता भी इंदिरा का विरोध कर रहे थे। लेकिन इसके बाद भी इंदिरा गांधी देश की अगली प्रधानमंत्री बनीं और मोरारजी का विरोध दरकिनार रह गए।

जयप्रकाश के समर्थन से बने PM

वहीं नवंबर 1969 में कांग्रेस का विभाजन हुआ और इंदिरा ने नई कांग्रेस बनाई। तो मोरारजी देसाई इंदिरा के खिलाफ वाले खेमे कांग्रेस ओ में थे। साल 1975 में देसाई जनता पार्टी में शामिल हो गए। वहीं मार्च 1977 में जब लोकसभा चुनाव हुए, तो जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला। लेकिन देसाई के लिए पीएम बनना इतना आसान नहीं था। क्योंकि चौधरी चरण सिंह और जगजीवन राम भी पीएम पद के दावेदार थे। 

ऐसे में जेपी नारायण का समर्थन काम आया और मोरारजी पीएम बने। बता दें कि साल 1977 से लेकर 1979 तक मोरारजी देसाई का कार्यकाल बतौर प्रधानमंत्री रहे। लेकिन चौधरी चरण सिंह के साथ हुए मतभेदों की वजह से उनको प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा।

सम्मान

मोरारजी देसाई देश के इकलौते प्रधानमंत्री थे, जिनको भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। उनको भारत रत्न और पाकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'निशान-ए-पाकिस्तान' मिल चुका है।

मृत्यु

वहीं 28 जुलाई 1979 को मोरारजी देसाई ने भारत के पीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने 83 साल की उम्र में राजनीति से संन्यास ले लिया और वह दिल्ली छोड़कर मुंबई में रहने लगे। फिर 10 अप्रैल 1995 को 99 साल की उम्र में मोरारजी देसाई का निधन हो गया था।

प्रमुख खबरें

Odisha में भारी बारिश से बाढ़ के हालात, Hirakud Dam के 12 गेट खोले गए

MCD दिल्ली की Naini Lake के कायाकल्प पर खर्च करेगी 9.73 करोड़ रुपये, जुलाई 2027 तक पूरा होगा काम

Harsh Sanghavi ने कहा, FTA से गुजरात के कपड़ा उद्योग को वैश्विक अवसर मिलेगा

Atiq Ahmed के बेटे की गाड़ी के पीछे चले 28 वाहनों पर FIR, तोड़ा था Toll Plaza