By अभिनय आकाश | Apr 18, 2025
भारत ने पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम पर बांग्लादेश की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि यह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर भारत की चिंताओं के साथ समानता स्थापित करने का एक छिपा हुआ और कपटपूर्ण प्रयास है। जहां इस तरह के कृत्यों के अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं। एक आधिकारिक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल की घटनाओं के संबंध में बांग्लादेश की ओर से की गई टिप्पणियों को खारिज करते हैं। जयसवाल ने कहा कि अनुचित टिप्पणियां करने के बजाय, बांग्लादेश को अपने अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक, समावेशी और समृद्ध बांग्लादेश के पक्ष में हैं। जहां तक व्यापार मुद्दों का सवाल है, पिछले सप्ताह हमने पारगमन सुविधा के संबंध में घोषणा की थी।’’ साप्ताहिक प्रेसवार्ता के दौरान भारत-बांग्लादेश व्यापार संबंधों पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जायसवाल ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि हमारे बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर भीड़ बढ़ती जा रही है। लेकिन मैं आपको यह भी याद दिलाना चाहूंगा कि इन उपायों की घोषणा से पहले बांग्लादेश की तरफ से जो कुछ हुआ है, उस पर भी नजर डालिए।’’ यह कदम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस द्वारा चीन में दिए गए विवादास्पद बयान के कुछ दिनों बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य, जिनकी बांग्लादेश के साथ लगभग 1,600 किलोमीटर की सीमा लगती है, चारों ओर से जमीन से घिरे हुए हैं तथा इनके पास उनके देश के अलावा महासागर तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।