By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 16, 2020
स्वराज ने गीता से मुलाकात करके उसे आवश्वासन दिया था कि सरकार उसके माता-पिता को ढूंढने के लिए प्रयास कर रही है। गीता, (जिसकी उम्र 30 साल के आसपास मानी जा रही है) अभी मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दिव्यांगों के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘आनंद सर्विस सोसायटी’ में रहे रही है। कई दम्पत्ति सामने आए और गीता के अभिभावक होने का दावा किया लेकिन गीता ने उनमें से किसी को नहीं पहचाना और उनमें से कोई अपने दावों के पक्ष में कोई ठोस सबूत भी नहीं पेश कर पाया। इंदौर के सरकारी अधिकारी और एनजीओ अब भी गीता के माता-पिता की तलाश में जुटे हैं। गीता ने भी हार नहीं मानी है और मंगलवार को वह एनजीओ के सदस्यों के साथ अपने परिवार की तलाश में नांदेड़ पहुंची। एनजीओ के सांकेतिक के विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित की मदद से गीता ने पत्रकारों से कहा कि वह अपने माता-पिता को ढूंढने की कोशिश कर रही है। उसने बताया कि उसका घर एक रेलवे स्टेशन के पास था, जिसके पास एक अस्पताल, मंदिर और नदी भी थी।