By अभिनय आकाश | Sep 11, 2026
दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा का अभेद घेरा तैयार किया गया है। एयरपोर्ट से लेकर होटल और भारत मंडपम तक दोनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के पूरे रूट पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहेंगी। पुतिन आज भारत पहुंच चुके हैं जबकि जिनपिंग कल पहुंचने वाले हैं। दोनों नेताओं के काफिले को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं क्योंकि इनके मोटर किड सबसे बड़े काफिलों में शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के ठहराव वाले होटल आईटीसी मौर्या में चार लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सबसे अंदर क्लोज प्रोटेक्शन टीम यानी सीपीटी तैनात रहेगी जो पुतिन की नजदीकी सुरक्षा संभालेगी। इसके बाद इनर सिक्योरिटी सर्कल में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी होंगे। तीसरे यानी मिडिल सर्कल में दिल्ली पुलिस के कमांडो और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहेंगे। जबकि सबसे बाहरी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के पास होगी।
पुतिन के साथ भारत 'फ्लाइंग क्रेमलिन' आईएल-96-300पीयू विमान चलता-फिरता राष्ट्रपति कमान केंद्र है। उनके लिए ऑरस सीनेट बख्तरबंद लिमोजिन भी लाई गई है। अंदरूनी सुरक्षा एफएसओ संभालेगी, जबकि भारतीय एजेंसियां बाहरी घेरा रखेंगी। भोजन की अलग जांच होगी। रूस अपने रसोइयों का इस्तेमाल करेगा। पुतिन दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे।
जिनपिंग की यात्रा के लिए एयर चाइना के बोइंग-747 को करीब एक महीने की तैयारी के बाद राष्ट्रपति विमान बनाया जाता है। इसके आगे बैठक कक्ष, कार्यालय और बेडरूम होते हैं। उनके साथ करीब 400 सदस्यीय दल आ सकता है, जिसमें अधिकारी, प्रोटोकॉल, सुरक्षा और तकनीकी कर्मचारी होंगे। सुरक्षा में खास बात अग्रिम निरीक्षण है। पिछली चेन्नई यात्रा में उनके भोजन के लिए चीनी रसोइयों और कंट्रोल्ड रसोई व्यवस्था थी। उनके मामले में होटल का कमरा ही नहीं, रसोई से लेकर गाड़ी और संचार तक सुरक्षा योजना का हिस्सा होते हैं। उनके लिए ताज पैलेस होटल हफ्तेभर पहले से बुक है।