By Ankit Jaiswal | Jun 28, 2026
भारत को पहले टी20 मुकाबले में हराकर आयरलैंड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों में किसी भी मजबूत टीम को चुनौती देने का दम रखता हैं। मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ मिली यह जीत सिर्फ एक मैच की सफलता नहीं, बल्कि आयरिश क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही हैं। इस जीत के बाद क्रिकेट आयरलैंड के अध्यक्ष ब्रायन मैकनीस ने भी इसे देश के क्रिकेट इतिहास का बेहद खास पल बताया है।
गौरतलब है कि गेंदबाजी में पदार्पण कर रहे जय मूंद्रा और मैथ्यू होलार्ड ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारतीय टीम 148 रन पर सिमट गई और आयरलैंड ने अपने क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक दर्ज की हैं। अंतिम कैच टिम टेक्टर ने लपका तो लगभग पांच हजार दर्शकों से भरा पूरा मैदान खुशी से झूम उठा।
ब्रायन मैकनीस ने जीत के बाद कहा कि यह आयरलैंड के क्रिकेट इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण दिन हैं। उनके मुताबिक खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने लंबे समय से कड़ी मेहनत की थी, जिसका फल आखिरकार इस मुकाबले में मिला हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ आयरलैंड ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोपीय क्रिकेट के लिए उत्साह बढ़ाने वाली हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मैकनीस का मानना है कि आयरलैंड के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं हैं। जरूरत सिर्फ उन्हें लगातार बड़े देशों के खिलाफ खेलने के अवसर देने की हैं। उनका कहना है कि पहले टी20 में कई नए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि आयरलैंड का भविष्य काफी मजबूत हैं।
उन्होंने आगामी यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग को भी इस जीत से जोड़ते हुए कहा कि अगस्त में शुरू होने वाली यह प्रतियोगिता यूरोप के खिलाड़ियों को नई पहचान देगी। उनके मुताबिक आयरलैंड, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड और इटली जैसे देशों में बेहतरीन प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें इस मंच से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी ब्रायन मैकनीस ने खास उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव को लेकर आयरलैंड में भी जबरदस्त चर्चा हैं। अगर वह आयरलैंड में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करते हैं तो यह दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास का यादगार पल होगा। उन्होंने वैभव को असाधारण प्रतिभा बताते हुए कहा कि दुनिया आने वाले कई वर्षों तक उन्हें खेलते हुए देखेगी और उनके करियर की शुरुआत का गवाह बनना किसी सम्मान से कम नहीं हैं।
बता दें कि आयरलैंड पहले भी बड़े उलटफेर करने के लिए जाना जाता रहा हैं। वर्ष 2007 के एकदिवसीय विश्व कप में उसने पाकिस्तान को हराकर दुनिया को चौंकाया था। इसके बाद 2011 विश्व कप में केविन ओ'ब्रायन की ऐतिहासिक पारी की बदौलत इंग्लैंड के खिलाफ 300 से अधिक रन का लक्ष्य हासिल किया था। अब भारत पर मिली यह जीत आयरिश क्रिकेट के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देने वाली उपलब्धि मानी जा रही हैं।