By अभिनय आकाश | Aug 13, 2026
एक तरफ जहां पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की ने आपस में गठबंधन किया, डिफेंस डील किया और शेखी बघारी तो दूसरी तरफ इजराइल ने भी तुर्की और पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा लग रहा है कि मोर्चा खोल दिया है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने जहां ट्वीट करके तुर्कियों पर यह आरोप लगाया है कि तुर्की लगातार आतंकी संगठन हमास को फलने फूलने की जगह दे रहा है तो दूसरी तरफ जो तुर्की का दूतावास भारत में मौजूद है। हमास का फुटप्रिंट अब पाकिस्तान में खूब बढ़ रहा है और यह चिंता का कारण है। सबसे पहले बात कर लेते हैं तुर्की पर लगे आरोप की। तो इजराइल के विदेश मंत्रालय ने एक रिपोर्ट ट्वीट करते हुए लिखा है कि तुर्की एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने के बजाय जिहादी हमास को पनाह दे रहा है। रिपोर्ट से पता चलता है कि फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास अपनी ज्यादातर गुप्त गतिविधियां जिसमें प्लानिंग साइबर ऑपरेशन शामिल है उसको तुर्की के इलाके में ले जा रहा है।
वहीं इजराइल की तरफ से पाकिस्तान पर भी आरोप लगाया गया है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह कहा गया है कि 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के बाद से कई सूत्रों ने दक्षिण एशिया में हमास की बढ़ती मौजूदगी की ओर इशारा किया है। हमास और पाकिस्तानी समर्थित आतंकवादी समूहों के बीच मजबूत संबंध आतंकवाद विरोधी प्रयासों के लिए गंभीर चुनौती पेश करते हैं। इजराइल ने जिस रिपोर्ट को शेयर किया है उसमें लिखा गया है कि नरसंहार के बाद लगातार हमास के प्रमुख नेता पाकिस्तान की यात्रा पर हैं। जहां उन्हें खुले तौर पर सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करना और फिलिस्तीन के समर्थन में सम्मेलनों में भाग लिया और वहीं पर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की प्लानिंग भी हो रही है। साफ तौर पर इज़राइल के निशाने पर तुर्की और पाकिस्तान है। डिफेंस डील के बाद इज़राइल का इस तरह से खुलेआम यह लिखना, यह दावा करना बताता है कि चाहे पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी और भी कितने देश एक साथ आ जाएं। हमास के खिलाफ अपनी नीति से इजराइल पीछे हटने वाला नहीं है।