By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 07, 2020
न्यूयॉर्क। अमेरिका के संघीय आव्रजन प्राधिकरण के सोमवार को जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत अगर विश्वविद्यालय अपनी सभी कक्षाएं केवल ऑनलाइन आयोजित करते हैं तो लाखों भारतीय छात्रों समेत विदेशी छात्रों को अमेरिका छोड़ना होगा और ऐसा ना करने पर उन्हें निर्वासित भी किया जा सकता है। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने सामेवार को जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ अमेरिकी विदेश मंत्रालय उन छात्रों के लिए वीजा जारी नहीं करेगा जिनके स्कूल या पाठ्यक्रम शरदऋतु के सेमिस्टर में पूरी तरह ऑनालाइन कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं और अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा इन छात्रों को अमेरिका में दाखिल होने की अनुमति भी नहीं देगी।’’ इस सेमिस्टर की पढ़ाई सितम्बर से दिसम्बर के बीच होती है। एजेंसी ने अमेरिका में पढ़ रहे ऐसे छात्रों को उन स्कूलों में तबादला कराने का सुझाव दिया, जहां कक्षाएं परिसर में आमने-सामने आयोजित की जा रही हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्कूल और कॉलेजों को जल्द से जल्द परिसर में कक्षाएं शुरू करने को कहा था। इसके तुरंत बाद ही यह नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ट्रम्प ने टि्वटर पर कहा था कि इस शरदऋतु में स्कूल जरूर दोबारा खुल जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि डेमोक्रेट पार्टी ‘‘ राजनीतिक कारण से स्कूल बंद रखना चाहती है, स्वास्थ्य कारणों की वजह से नहीं।’’ ट्रम्प ने कहा था, ‘‘ उन्हें लगता है कि इससे नवम्बर में उन्हें मदद मिलेगी। गलत, लोगों को सब समझ आ रहा है।’’ ट्र्रम्प प्रशासन ने कोरोना वायरस का हवाला देते हुए अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में कई बदलाव किए हैं। गौरतलब है कि 22 जून को उसने एक घोषणा कर अमेरिका में कानूनी आव्रजन पर 31 दिसम्बर तक रोक लगा दी। इससे एल-,1, एच-1बी, एच-2बी और जे-1 वीजा धारक प्रभावित हुए।