By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 09, 2021
नयी दिल्ली। केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि भारतीय नागरिकों से विवाह होने के आधार पर ओसीआई कार्डधारकों के तौर पर पंजीकृत विदेशी नागरिकों को तलाक लेने के बाद यह लाभ नहीं मिल सकता है। गृह मंत्रालय ने बेल्जियम के ब्रसेल्स में भारतीय दूतावास के निर्णय का बचाव करते हुए यह दलील दी जिसने बेल्जियम की महिला को भारतीय व्यक्ति के साथ उसकी शादी समाप्त होने के बाद अपना ओसीआई कार्ड वापस करने का निर्देश दिया है। महिला ने नागरिकता कानून - धारा सात द (फ) के प्रावधान को चुनौती दी गई है जिसके तहत किसी भारतीय नागरिक का विदेशी साथी (पति या पत्नी) तलाक होने पर भारत का विदेशी नागरिक (ओसीआई) होने का दर्जा खो देगा।
मंत्रालय ने कहा कि महिला को एक भारतीय नागरिक से विवाह करने के कारण बेल्जियम के ब्रसेल्स में स्थित भारतीय दूतावास द्वारा भारतीय मूल का व्यक्ति (पीओआई) कार्ड 21 अगस्त, 2006 को जारी किया गया था। मंत्रालय ने कहा कि उसने अक्टूबर 2011 में अपने पति को तलाक दे दिया था और बाद में उसे इस शादी के आधार पर जारी पीआईओ कार्ड को रद्द कर दिया जाना चाहिए था लेकिन उस वक्त यह नहीं किया गया था। गृह मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि महिला का ओसीआई दर्जा अब भी रद्द नहीं हुआ है और उसे बस कार्ड वापस करने को कहा गया है।