By अभिनय आकाश | Aug 19, 2021
अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद महिलाओं को लेकर तालिबान चाहे कोई भी दावा कर रहा हो। लेकिन वास्तविकता की कसौटी पर महिलाओं के मामले में तालिबान का दावा कोरा साबित हो रहा है। अफगान फिर से तालिबान शासन के अधीन है। ऐसे में अफगानिस्तान की पूर्व महिला कप्तान ने अपने खिलाड़ियों से अपनी जान बचाने के लिए सोशल मीडिया से तस्वीरें डिलीट कर दें और अपने किट्स को जला देने को कहा है। कोपेनहेगन स्थित खालिदा पोपल ने बुधवार को एक वीडियो साक्षात्कार में रॉयटर्स को बताया कि आतंकवादियों ने अतीत में महिलाओं की हत्या, बलात्कार और पत्थरबाजी की थी। महिला फुटबॉल खिलाड़ी भविष्य को लेकर भयभीत हैं।
बता दें कि अपने 1996-2001 के शासन के दौरान तालिबान ने इस्लामी कानून द्वारा निर्देशित, महिलाओं को काम करने से रोक दिया। लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं थी और महिलाओं को बाहर जाने के लिए बुर्का पहनना पड़ता था, और उसके बाद ही जब एक पुरुष रिश्तेदार के साथ होता था। नियम तोड़ने वालों को कभी-कभी तालिबान की धार्मिक पुलिस द्वारा अपमान और सार्वजनिक पिटाई का सामना करना पड़ता था। तालिबान ने कहा है कि वे इस्लामी कानून के दायरे में महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करेंगे। पोपल ने कहा कि फ़ुटबॉल ने महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए एक मजबूत स्टैंड लेने और उन्हें चुप कराने वालों की अवहेलना करने में सक्षम बनाया है।