By Ankit Jaiswal | Nov 04, 2025
दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर धुंध से घिरी सुबह के साथ जागा है, जहां चारों तरफ धुंधली परत और धुएं का असर साफ देखा जा सकता है। लगातार कई दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे नागरिकों के बीच चिंता और नाराजगी बढ़ रही है। इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, खासकर तब से जब पूर्व आईएएस अधिकारी एलवी निलेश ने दिल्ली की जहरीली हवा की तुलना अमेरिका में अपने वर्तमान बसेरे की साफ हवा से करते हुए अपनी प्रतिक्रिया साझा की है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 6:05 बजे दिल्ली का औसत AQI 324 दर्ज किया गया, जो कि “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। वहीं रविवार को यह आंकड़ा 366 तक पहुंच गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, तीन मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई, जहां ए़क्यूआई 400 से अधिक दर्ज किया गया। बता दें कि दिल्ली में हर साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी देखी जाती है।
सोशल मीडिया पर निलेश की पोस्ट के बाद कई उपयोगकर्ताओं ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर चिंता जताई है। एक उपयोगकर्ता ने लिखा कि “यह दिल्लीवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है और देश की छवि के लिए भी शर्मनाक है।” हालांकि, कुछ लोगों ने निलेश के देश छोड़ने के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि “देश ने आपको सक्षम बनाया, फिर उसे बुरा कहने से क्या फायदा?” गौरतलब है कि दिल्ली की हवा को लेकर हर साल चर्चा होती है, लेकिन इसके समाधान को लेकर व्यापक स्तर पर कदमों की कमी अभी भी जारी हैं।