Vasundhara Raje ने भव्य रोड़ शो के बाद नामांकन दाखिल किया, CM की दौड़ से खुद को बाहर कर बेटे दुष्यंत का नाम आगे बढ़ाया!

By नीरज कुमार दुबे | Nov 04, 2023

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज एक भव्य रोड शो निकालने के बाद झालावाड़ सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। पिछले 20 सालों से राजस्थान में भाजपा की शीर्ष नेता वसुंधरा राजे को हालांकि पार्टी ने इस बार विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। उम्मीदवारों के चयन और प्रचार संबंधी कार्यों में भी वसुंधरा राजे की इस बार वह भूमिका नजर नहीं आ रही है जोकि 2003 में उनके पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए पिछले सभी चुनावों में देखने को मिली थी। इस बीच, नामांकन से एक दिन पहले वसुंधरा राजे ने अपने एक बयान से दो बड़े संकेत दे दिये हैं। पहला संकेत उन्होंने यह दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं, दूसरा संकेत यह है कि उन्होंने अपने सांसद बेटे दुष्यंत सिंह का नाम आगे बढ़ा दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा आलाकमान उन पर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से पीछे हटने का जो दबाव बना रहा था उसमें वह सफल हुआ है लेकिन वसुंधरा अपने बेटे के राजनीतिक कॅरियर को आगे बढ़ाने का आश्वासन पार्टी से लेने में सफल रही हैं।

इसे भी पढ़ें: 'मुझे लगता है अब मैं संन्यास ले सकती हूं...' रैली में बेटे का भाषण सुनकर वसुंधरा राजे ने दिया राजनीति छोड़ने का संकेत | Rajasthan Assembly Election

हम आपको बता दें कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी जनसभाओं में लगातार कांग्रेस को घेर रही हैं और कह रही हैं कि गहलोत सरकार ने राज्य के लोगों से बहुत कुछ छीना है और बदले में बहुत कम लौटाया है। वसुंधरा राजे ने राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई राहतों को भी "नाटक" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार अपना खजाना खोल रही है, जो सिर्फ एक दिखावा है। वसुंधरा राजे ने कहा, "आखिरी समय में मिली इन राहतों का सच जनता भलि-भांति जानती है। इस सरकार के पांच साल काला अध्याय हैं, जिनमें किसानों के आंसू, महिलाओं की चीखें, दलितों का उत्पीड़न और युवाओं की निराशा शामिल है।" उन्होंने अपनी पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई सभी योजनाओं को निलंबित करने के लिए भी कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। 

दूसरी ओर, वसुंधरा राजे के हमलों पर मुख्यमंत्री गहलोत का कहना है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री को कांग्रेस की सात 'गारंटियों' पर बहस करने की चुनौती देते हैं। गहलोत ने कहा है कि राजस्थान के इस चुनाव में मुख्य मुद्दा कांग्रेस पार्टी की यही सात गारंटियां हैं। गहलोत ने कहा, ‘‘राजस्थान चुनाव 2023 का मुख्य मुद्दा है कांग्रेस पार्टी द्वारा दी जा रही 7 गारंटियां। विपक्षी दल की नेता वसुंधरा राजे सिंधिया जी को मैं चुनौती देता हूं कि मेरे साथ 'कांग्रेस की 7 गारंटी' पर एक बहस करें।’’ हम आपको बता दें कि राजस्थान में 25 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।

प्रमुख खबरें

Greenland में US सैन्य ठिकाने बढ़ाने को मंजूरी, डेनमार्क और अमेरिका से सुरक्षा समझौता पास

UP RERA ने 8 जिलों में 17 नई Real Estate परियोजनाओं को दी हरी झंडी

Kangana Ranaut की टिप्पणी पर दायर याचिका आगरा District Court ने खारिज की

त्योहारों पर उपद्रव बर्दाश्त नहीं, CM Yogi Adityanath ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश