By Ankit Jaiswal | Oct 07, 2026
भारत में मोटर रेसिंग के शौकीनों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में मोटर खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और 2027 से पहले भारत में फॉर्मूला वन रेस वापस लाने की कोशिश की जा रही है। अगर योजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो करीब 13 साल बाद भारत में फिर से दुनिया की सबसे चर्चित मोटर रेसिंग प्रतियोगिताओं में से एक का आयोजन हो सकता है।
बता दें कि भारत में फॉर्मूला वन की पहली रेस 2011 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर हुई थी। इसके बाद 2012 और 2013 में भी यहां रेस आयोजित की गई। तीनों रेस में जर्मनी के सेबेस्टियन वेट्टेल ने रेड बुल रेसिंग की कार चलाते हुए जीत हासिल की थी। इस तरह बुद्ध सर्किट लगातार 3 सत्र तक भारत में फॉर्मूला वन का केंद्र रहा।
हालांकि, 2013 के बाद भारत को फॉर्मूला वन कैलेंडर से बाहर कर दिया गया। कर से जुड़े विवाद, आयोजन की भारी लागत और सरकारी स्तर पर मंजूरियों से जुड़ी दिक्कतों को इसके पीछे प्रमुख कारण माना गया। इससे भारत में अंतरराष्ट्रीय मोटर खेलों के बड़े आयोजन का सिलसिला रुक गया।
गौरतलब है कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को जर्मन वास्तुकार हरमन तिल्के ने डिजाइन किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस ट्रैक को शुरुआत में रेसिंग जगत से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। माना जा रहा था कि इसके जरिए भारत लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय मोटर खेलों के नक्शे पर अपनी मजबूत जगह बना सकता है। लेकिन कर विवाद और दूसरी प्रशासनिक अड़चनों ने इस योजना को आगे बढ़ने नहीं दिया।
अब सरकार दोबारा भारत को बड़े मोटर खेल आयोजनों का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। मनसुख मांडविया ने यह भी कहा कि भारत में जल्द मोटोजीपी जैसी प्रतियोगिताएं लाने की योजना है। इसके लिए जरूरी सुधारों पर काम चल रहा है। मोटोजीपी दुनिया की प्रमुख मोटरसाइकिल रेसिंग प्रतियोगिता है और इसके भारत आने से देश में मोटर खेलों की लोकप्रियता और कारोबार दोनों को बढ़ावा मिल सकता है।
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों तक सीमित नहीं है। खेलों को हर स्तर पर मजबूत करने और युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी काम किया जा रहा है।
भारत में फॉर्मूला वन की वापसी के लिए अब सबसे अहम सवाल यह होगा कि ट्रैक और अन्य तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं या नहीं। यदि सरकार की योजना सफल होती है, तो 2027 से पहले भारत में फॉर्मूला वन की वापसी देश के मोटर खेल इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती हैं।