यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाफल के लिए फार्मूला तय: उपमुख्यमंत्री

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 20, 2021

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं निरस्त किए जाने के बाद परीक्षार्थियों को प्रोन्नत करने का फार्मूला तय कर लिया है। प्रदेश के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने रविवार को बताया कि यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को प्रोन्नत करने के लिए पारदर्शी फार्मूला तय किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार इण्टरमीडिएट परीक्षाफल हाईस्कूल के 50 प्रतिशत अंक, कक्षा 11 की वार्षिक अथवा छ:माही परीक्षाके 40 प्रतिशत अंकतथा कक्षा 12 के प्री. बोर्ड के 10 प्रतिशत अंक के आधार पर घोषित किया जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की समयसीमा को बढ़ाकर अगले साल मार्च तक करने पर विचार

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह हाईस्कूल (10वीं) के लिए कक्षा नौ की परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक तथा कक्षा 10 की प्री बोर्ड परीक्षा के 50 प्रतिशत अंक के आधार पर परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इण्टरमीडिएट के व्यक्तिगत अथवा संस्थागत, जिस किसी भी परीक्षार्थी के कक्षा 11 की दोनों परीक्षाओं, वार्षिक व अर्द्ध वार्षिक अथवा कक्षा 12 की प्री बोर्ड परीक्षा तथा हाईस्कूल के जिस किसी भी परीक्षार्थी के कक्षा नौ की वार्षिक परीक्षा अथवा कक्षा 10 की प्रीबोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें बिना अंकों के सामान्य रूप से प्रोन्नत कर दिया जायेगा। शर्मा ने बताया कि 2021 की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए परीक्षार्थियों की मेरिट सूची नहीं तैयार करायी जायेगी। 2021 के पंजीकृत सभी परीक्षार्थी जो अंक सुधार के लिए परीक्षा में दोबारा शामिल होना चाहते हैं उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा में शुल्क दिये बिना एक या एक से अधिक विषयों की परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जायेगा। 

प्रमुख खबरें

Gaya और Bangkok के बीच IndiGo की सीधी उड़ानें, बिहार में बढ़ेगा पर्यटन और विकास

ED ने Cyber Fraud केस में मुंबई से 2 लोगों को किया गिरफ्तार, 30 हजार करोड़ के लेनदेन का शक

Russia में Jaishankar, China में Doval, Japan में Piyush Goyal ने संभाला मोर्चा, आखिर क्या है Modi का मिशन?

लोकहित के नाम पर Parliament में हंगामा, हर घंटे ₹1.5 Crore के नुकसान का कौन है जिम्मेदार?