बीपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में चार और गिरफ्तार, साइबर आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 15, 2022

पटना| ई बिहार पुलिस ने रविवार को दावा किया कि उसने पिछले सप्ताह राज्य सिविल सेवा परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से कई इलेक्टॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं।

ईओयू ने एक विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के पूर्व छात्र यादव ने स्पष्ट तौर पर रातोंरात पैसा कमाने के लिए अपराध किया और वह मुंगेर जिले में दो साल पुराने हत्या के मामले में भी वांछित है। यादव और उसके अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। गिरफ्तार लोगों में शामिल राजेश कुमार राज्य के कृषि विभाग में क्लर्क के रूप में कार्यरत है।

ईओयू ने कहा कि राजेश कुमार (39) पटना के पूर्वी पटेल नगर इलाके में किराए के मकान में रहता है, जहां से एक लैपटॉप, विभिन्न नेटवर्क प्रदाताओं के 30 से अधिक सिम कार्ड, पांच पेन ड्राइव और 16 ईयरफोन जब्त किए गए हैं।

कुमार से पूछताछ के आधार पर यादव द्वारा लोहानीपुर इलाके में किराए पर लिए गएएक मकान पर भी छापा मारा गया, जो गिरोह के ‘‘कंट्रोल रूम’’ के रूप में काम करता था। ईओयू ने कहा कि इसके अलावा यादव से जुड़े छह बैंक खातों के रिकॉर्ड भी मिले, जिनमें 12 लाख रुपये से अधिक जमा किए गए थे। इन सभी खातों पर रोक लगा दी गई है। राजेश कुमार से मिली सूचना के आधार पर तीन अन्य लोगों-उच्च विद्यालय में पढ़ाने वाले कृष्ण मोहन सिंह (41), निशिकांत कुमार राय (33) और सुधीर कुमार सिंह (40) को भी गिरफ्तार किया गया है। कृष्ण मोहन सिंह और निशिकांत राय पटना के अलग-अलग इलाकों में रहते थे जबकि सुधीर कुमार सिंह औरंगाबाद जिले का निवासी है।

इससे पूर्व, ईओयू ने भोजपुर जिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जहां आठ मई को हुई प्रारंभिक परीक्षा के परीक्षा केंद्रों में से एक वीर कुंवर सिंह कॉलेज में अनियमितताओं का पता चला था।

जब कुछ ‘‘परीक्षार्थियों’’ को एक बंद कमरे के अंदर अपने प्रश्नपत्र हल करने की अनुमति दी गई और अपने मोबाइल फोन साथ ले जाने की अनुमति दी गई तो अन्य परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया।

जल्द ही, प्रश्नपत्र के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने कुछ घंटों के भीतर परीक्षा रद्द कर दी। भोजपुर जिले के मुख्यालय आरा से गिरफ्तार किए गए लोगों में एक प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) भी शामिल हैं, जो परीक्षा केंद्र पर ‘स्टेटिक मजिस्ट्रेट’ के तौर पर तैनात थे।

प्रमुख खबरें

Abhishek Banerjee Bank Account Case: कलकत्ता हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया, KYC के बाद बहाल हुआ बैंक खाता

Himannshi Khurrana के आरोपों पर Asim Riaz का पलटवार, पारस छाबड़ा पर भी साधा निशाना

Karnataka: Dalit Funds Scam पर सियासी संग्राम तेज, BJP का Nagendra के इस्तीफे तक धरना

Odisha Vigilance का एक्शन: 3 करोड़ के गबन आरोपी राजस्व कर्मी के ठिकानों पर छापे