By अभिनय आकाश | Jan 21, 2026
अब वो वक्त दूर नहीं है जब ट्रंप की हरकतों की वजह से अमेरिका अपनी बर्बादी खुद देखेगा। जिसकी तैयारी शुरू हो गई है। इस वक्त दुनिया भर के देश अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की तानाशाही और दादागिरी से परेशान हैं। सुपर पावर की सनक में ट्रंप किसी भी देश को झुकाने के लिए उस पर दबाव डालने लग जाते हैं और जो देश उनके हिसाब से नहीं चलता उसमें वो तख्ता पलट कराने की कोशिशों में जुट जाते हैं। टैरिफ तो उन्होंने ऐसा हथियार बना लिया है कि बातबात पर उसकी धमकी देते रहते हैं। ऐसे में हर कोई चाहता है कि धमकीबाज ट्रंप की इन हरकतों से कैसे छुटकारा मिले। वैसे तो ट्रंप के खिलाफ अब यूरोप के देशों ने भी मोर्चा खोल दिया है। लेकिन अभी भी दुनिया की निगाह उन तीन महाशक्तियों पर है जो ट्रंप का अच्छा खासा इलाज कर सकती हैं। वो महाशक्तियां हैं भारत, रूस और चीन। जहां रूस अभी यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है और मौके के साथ ही ट्रंप को भी सबक सिखा रहा है।
उन्होंने कहा है कि हमें रिक्त त्रिपक्षीय प्रारूप को सक्रिय करने की जरूरत है जो एक तरह से ब्रिक्स की नींव है जो एक बहुवीय दुनिया का एक प्रमुख तत्व है। इससे कुछ महीनों पहले भी रूस इसे एक्टिव करने की अपील कर चुका है। साथ ही चीन भी इसे शुरू करने की भारत के आगे गुहार लगा चुका है। चीनी प्रवक्ता ने तो यहां तक कह दिया था कि रिक गठबंधन भारत, रूस और चाइना के लिए बेहद जरूरी है। चीन, भारत और रूस के साथ यह गठबंधन करने को तैयार है।
रिक फोरम की 20 बैठकें भी हो चुकी हैं। लेकिन जून 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान में हुई झड़प के बाद यह गठबंधन निष्क्रिय हो गया। मगर अब इसे फिर से एक्टिव करने की बात कही जा रही है। अगर ऐसा हो जाता है तो तीनों देश दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य और आर्थिक ताकत बन जाएंगे और सरपंच ट्रंप के लिए बड़ी मुश्किल भी खड़ी कर देंगे। यानी कि कोई भी देश रिस्क से पंगा लेने से पहले हजार बार सोचेगा।