हमास के अटैक से गाजा के बदलापुर बनने तक...2 सालों बाद पीस प्लान से आएगी शांति या फिर अपनी भद्द पिटावाएंगे ट्रंप?

By अभिनय आकाश | Oct 07, 2025

मिस्र में एक ऐसी मुलाकात चल रही है जो शायद गाजा या फिर कहे कि पूरे मीडिल ईस्ट का इस्तकबाल का भविष्य तय कर सकती है। काहिरा में हमास और इजरायल के अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें गाजा में शांति का खाका तैयार होने पर बात होगी। इसका आधार 20 बिंदुओं का पीस प्लान है जिसे अमेरिका ने महीनों के मशक्कत के बाद तैयार करने का दावा किया है। बेंजामिन नेतन्याहू व्हाइट हाउस से इस पर हामी भी भर चुके हैं। कहा जा रहा है कि गेंद अब कुछ हद तक हमास के पाले में है। हमास ने प्लान के तहत इजरायली बंधकों को छोड़ने पर सहमति तो जता दी है। लेकिन कुछ शर्तें भी रखी हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से शुरू गाजा युद्ध को दो साल पूरे हो गए। लगातार बमबारी, जमीनी कार्रवाई और नाकेबंदी ने गाजा पट्टी को मलबे के ढेर में बदल दिया है। यूएन की सैटेलाइट रिपोर्ट के मुताबिक 80% इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। 90% स्कूल खंडहर बन चुके हैं और 98.5% खेत उजड़ गए हैं। लाखों लोग अब टेंटों में रह रहे हैं जहां न पानी है, न बिजली, न इलाज। गाजा अब सिर्फ दर-दर भटकते लोगों की मायूसी और मलवे की जमीन बनकर रह गया है। ऐसे में आइए इजरायल और हमास के बीच जंग के तीसरे साल में प्रवेश करने के बीच जानते हैं कि मिस्र की बैठक के बाद क्‍या अब थमेगी धमाकों की आवाज? क्या गाजा में कामयाब होगी ट्रंप की शांति योजना? 

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ट्रंप का पीस प्लान

29 सितंबर को इजरायली पीएम नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक मीटिंग की थी। जिसके बाद उन्होंने कहा कि ये इतिहास के सबसे बड़े दिनों में से एक हो सकता है। ऐसा दिन जो हमें एटर्नल पीस यानी कभी न खत्म होने वाली शांति की ओर ले जा सकता है। ट्रंप ने आखिरकार नेतन्याहू को जंग रोकने के लिए एक प्लान पर सहमत कर लिया है। एक ऐसा प्लान जो न सिर्फ अमेरिका बल्कि सऊदी अरब और मुस्लिम देशों का भी समर्थन प्राप्त कर लिया है। ये वही पीस प्लान है जिसमें गाजा जंग से जुडे़ लगभग हर पहलू को एड्रेस करने की कोशिश की गई है। 

पहले फेज में बंधकों कि रिहाई और फिलिस्तीनी कैदियों की अदला बदली। 

दूसरे फेज में चरणबंद तरीके से इजरायली सैनिकों का पीछे हटना। 

तीसरे फेज में गाजा की सुरक्षा के लिए एक इंटरनेशनल स्टैबलाइजेशन फोर्स की तैनाती और सरकार चलाने के लिए एक टेक्नोक्रेटिक एपॉलिटिक्ल फिलिस्तीनी कमेटी का गठन। 

मिस्र की मीटिंग में जंग रोकने पर बनेगी सहमति? 

इजरायल का नेतृत्व शीर्ष वार्ताकार रॉन डर्मर कर रहे हैं, जबकि खलील अल-हय्या हमास प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। मिस्री मीडिया के अनुसार दोनों पक्ष बंदियों और कैदियों की रिहाई के लिए जमीन तैयार करने पर चर्चा कर रहे हैं।मिस्र और कतर के मध्यस्थ एक ऐसा तंत्र बनाने की कोशिश में हैं जिसके तहत गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनियों के बदले रिहा किया जा सके।

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गाजा में 54 मिलियन टन मलबा हटाने में 10 साल लगेंगे

पिछले 2 साल से लगातार इजराइली बमबारी के बाद गाजा अब एक मलबे का शहर बन गया है। यूएन रिपोर्ट के मुताबिक 80% इमारतें तबाह हो गई है। जिनमें से आधी से ज्यादा पूरी तरह डह गई। इससे करीब 4.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। गाजा में इजराली सेना के हमलों में तबाह हुई इमारतों का करीब 54 मिलियन टन से ज्यादा मलबा जमा है। विशेषज्ञ कहते हैं, इसे साफ करने में कम से कम 10 साल और 1.2 लाख करोड़ रुपए लगेंगे। भी गाजा के 80% से ज्यादा हिस्से पर इजराइली सेना का कब्जा है। आम गाजावास्सियों का आवाजाही सिर्फ 20% हिस्से में सीमित है।

90% लोग बेघर, 18 हजार बच्चों की मौत, 17 हजार बच्चे अनाथ

गाजा के 23 लाख लोगों में से 90% लोग बेघर हैं। उत्तर और दक्षिण गाजा से भगाए गए लाखों लोग अब मवासी जैसे राहत जोन में टेंटों में बिना पानी, बिजली और दवा के दिन गुजार रहे हैं। गाजा पट्टी का करीब 80% इलाका मिलिट्री जोन में है, जहां आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। यूएन एजेंसियों के अनुसार आधे से ज्यादा लोगो भुखमरी से जूझ रहे हैं। अब तक 61, 158 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, इनमें 18,430 बच्चे (लगभग 31%) शामिल हैं। गाजा में करीब 39,384 बच्चे सूचिबद्ध हैं जो माता या पिता दोनों में से कोई एक खो चुके हैं। वहीं, 17,000 बच्चे माता-पिता दोनों खो चुके हैं। राहत एजेंसियां कहती हैं- यह अब शहर नहीं, जिंदा बचे लोगों का कैंप मात्र है।

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गाजा में नई सरकार कौन सी होगी और क्या काम करेगी

 ट्रंप के प्लान के अनुसार गाजा में टेक्नोक्रेटिक एपॉलिटिकल फिलिस्तीनी कमेटी का गठन होगा जो प्रशासन से जुड़े काम काज देखेगी। गाजा की सरकार में मौजूद जो अधिकारी पहले हमास के अधीन काम करते थे, उनका क्या होगा? प्लान के मुताबिक हमास के नेता देश छोड़कर विदेश जा सकते हैं। अगर वो दोबारा इजरायल के खिलाफ किसी साजिश में शामिल न होने का वादा करें तो उन्हें माफी भी दे दी जाएगी और वे गाजा में ही रह सकेंगे। ऐसे में अब आगे क्या होगा वो इस पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्षों पर कितना दबाव बनाया जा सकता है। हमास के समर्थक देश कतर औऱ तुर्किए उसे प्लान स्वीकार करने के लिए कहेंगे। लेकिन संगठन के बीच मतभेद हैं। कुछ नेता अब भी कठोर रूख पर अड़े हैं। 

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