By एकता | Jan 06, 2026
सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को 'प्रकाश पर्व' के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, यह पवित्र उत्सव 6 जनवरी को मनाया जा रहा है। यह दिन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, साहस और अटूट विश्वास का प्रतीक है।
गुरु गोबिंद सिंह जी ने समाज को 'समानता' और 'सरबत दा भला' (सभी का कल्याण) का संदेश दिया। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की और दुनिया को सिखाया कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस विशेष अवसर पर दुनिया भर के गुरुद्वारों में अद्भुत रौनक देखने को मिलती है, जहां श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ एकत्रित होते हैं। इस उत्सव के दौरान गुरुद्वारों में गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ और भक्तिमय कीर्तन किया जाता है, जिससे वातावरण आध्यात्मिक हो जाता है।
सड़कों पर भव्य नगर कीर्तन और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, जिनमें 'पंज प्यारे' और पारंपरिक सिख मार्शल आर्ट 'गतका' का प्रदर्शन आकर्षण का मुख्य केंद्र होता है।
साथ ही, सुबह के समय भक्त भजन गाते हुए मोहल्लों में प्रभात फेरी निकालते हैं। इस पावन दिन पर लंगर और निस्वार्थ सेवा का विशेष महत्व है, जहां सभी जाति और धर्म के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, जो आपसी भाईचारे और समानता के संदेश को जीवंत करता है।